बिजनेस
How to grow Kesar at Home: कश्मीर के खेतों में उगने वाला दुनिया का सबसे महंगा मसाला 'केसर' अब आप अपने घर के एक बंद कमरे में भी उगा सकते हैं. 'इंडोर केसर फार्मिंग' तकनीक से लोग बिना मिट्टी और बिना पारंपरिक मौसम के लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं.
क्या आपने कभी सोचा है कि जिस केसर को खरीदने के लिए लोग प्रति किलो लाखों रुपये चुकाते हैं, उसे आप अपने घर के एक खाली कमरे में उगा सकते हैं? जी हां, यह कोई कोरी कल्पना नहीं बल्कि एक आधुनिक बिजनेस रियलिटी है. भारत में अब तक लोग मानते थे कि केसर सिर्फ कश्मीर की ठंडी वादियों और खास मिट्टी में ही उग सकता है. लेकिन 'इंडोर सैफरन फार्मिंग' (Aeroponics) तकनीक ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. आज देश के कई चालाक और एडवांस लोग अपने घरों में ही केसर की खेती करके नौकरी से कई गुना ज्यादा कमाई कर रहे हैं. आइए समझते हैं कि बिना खेत के होने वाली इस जादुई खेती का पूरा गणित क्या है.
परंपरागत रूप से खेती के लिए जमीन, ट्रैक्टर और कड़े मौसम की जरूरत होती है, लेकिन घर में केसर उगाने के लिए आपको सिर्फ एक बंद कमरे और कुछ प्लास्टिक की ट्रे की आवश्यकता होती है. इस तकनीक में केसर के बल्ब (बीज) को बिना मिट्टी के, सिर्फ हवा और नियंत्रित तापमान में ट्रे के ऊपर रख दिया जाता है. कमरे के अंदर कश्मीरी मौसम जैसा माहौल बनाने के लिए थर्माकोल, एसी और एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल किया जाता है. चूंकि इसमें मिट्टी का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए पौधों में बीमारी लगने का खतरा ना के बराबर होता है. साल के कुछ महीनों में ही यह पौधे कीमती केसर के लाल धागे देने लगते हैं.
नीदरलैंड और ईरान जैसे देशों में इंडोर फार्मिंग के जरिए केसर उगाना एक बहुत बड़ा और स्थापित बिजनेस है. अब भारत में भी कृषि वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स की मदद से यह तकनीक आम लोगों तक पहुंच रही है. लोग अपने घरों की छतों, खाली बेसमेंट या एक छोटे से 10x10 के कमरे को केसर के खेत में बदल रहे हैं. इस बिजनेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको रोज-रोज पानी देने या खेतों की तरह कड़ी धूप में पसीना बहाने की जरूरत नहीं होती. यह पूरी तरह से एक स्मार्ट और ऑटोमैटिक सिस्टम पर काम करता है जिसे आप अपनी रेगुलर नौकरी के साथ भी संभाल सकते हैं.
बाजार में शुद्ध केसर के धागों की कीमत 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है. अगर आप एक छोटे से कमरे से भी शुरुआत करते हैं, तो शुरुआती निवेश के बाद हर साल आपकी लागत बहुत कम हो जाती है क्योंकि केसर के बीज (बल्ब्स) हर साल खुद ब खुद मल्टीप्लाई यानी बढ़ते जाते हैं. एक आम मिडिल क्लास इंसान, जो कम जगह और कम बजट में कोई हाई-प्रॉफिट बिजनेस तलाश रहा है, उसके लिए यह एक बेहतरीन मौका है. इसे सीधे कस्मटर्स, आयुर्वेदिक कंपनियों या लोकल मार्केट में बेचकर सीधा मुनाफा कमाया जा सकता है.
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