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सोना 1.53 लाख रुपये और चांदी 2.35 लाख रुपये के आसपास पहुंच चुकी है. 12 अगस्त यानि आज अमेरिकी Inflation Data सराफा बाजार की अगली चाल तय कर सकता है. जानिए 12 अगस्त के रेट, संभावित असर और खरीदारों के लिए जरूरी बातें.
सोना एक बार फिर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है और चांदी भी करीब 2.35 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही है. ऐसे में 12 अगस्त का दिन खरीददारों और निवेशकों दोनों के लिए अहम रहने वाला है. बुधवार को आने वाले अमेरिकी Inflation Data पर बाजार की नजर है. महंगाई के आंकड़े अगर उम्मीद से अलग रहे तो अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार की धारणा बदल सकती है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे सकता है.
GoodReturns के मुताबिक 11 अगस्त 2026 को MCX Gold करीब 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच गया. वहीं MCX Silver करीब 2.40 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास रही. दिन के कारोबार में चांदी में करीब 2,000 रुपये की तेजी भी देखने को मिली. वहीं 12 अगस्त को इसमें थोड़ा डाउन आया है. यहां सुबह बाजार हल्की गिरावट के साथ खुला. इसमें एमसीएक्स गोल्ड करीब 1.53 लाख प्रति 10 ग्राम और सिल्वर करीब 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम आसपास चल रहा है.
Angel One के आंकड़ों के अनुसार घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,51,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रही. यानी वायदा बाजार और घरेलू रिटेल रेट के बीच अंतर भी बना हुआ है. ये अंतर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आम ग्राहक जब ज्वेलरी खरीदने जाता है तो उसे सिर्फ अंतरराष्ट्रीय या MCX भाव नहीं चुकाना होता. स्थानीय बाजार का भाव, मेकिंग चार्ज और टैक्स के बाद अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं.
Reuters की 11 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल गोल्ड करीब 4,434.84 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया था, जो करीब दो महीने का उच्च स्तर है. बाजार की नजर अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर है. Inflation Data यह संकेत दे सकता है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा क्या हो सकती है. ब्याज दरों की उम्मीदों में बदलाव अक्सर सोने की चाल को प्रभावित करता है. यही वजह है कि 12 अगस्त को घरेलू सराफा बाजार में केवल भारत की मांग ही नहीं, बल्कि अमेरिका से आने वाला डेटा भी अहम भूमिका निभा सकता है.
अगर अमेरिकी महंगाई का आंकड़ा बाजार की उम्मीद से ज्यादा आता है तो ब्याज दरों को लेकर अलग तरह की उम्मीद बन सकती है. ऐसे में डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की चाल के जरिए सोने पर दबाव बन सकता है. इसके उलट अगर महंगाई के आंकड़े नरम आते हैं और बाजार को ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद मजबूत होती है तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है. इसका मतलब यह है कि 12 अगस्त को सोने का भाव केवल घरेलू खरीदारी से तय नहीं होगा. अंतरराष्ट्रीय बाजार की प्रतिक्रिया भी भारतीय कीमतों को प्रभावित कर सकती है.
चांदी ने भी इस तेजी में सोने का साथ दिया है. 11 अगस्त को MCX Silver करीब 2.40 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास रही और इसमें करीब 2,000 रुपये की तेजी दर्ज हुई. चांदी को सिर्फ निवेश की धातु समझना अब पर्याप्त नहीं है. इंडस्ट्रियल डिमांड, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक इस्तेमाल से जुड़ी उम्मीदें भी इसकी कीमत को प्रभावित करती हैं. आम खरीदार के लिए इसका सीधा मतलब है कि अगर चांदी में तेजी आगे भी बनी रहती है तो ज्वेलरी, सिक्के और निवेश के लिए चांदी खरीदने की लागत भी बढ़ सकती है.
अगर आप शादी या किसी दूसरे जरूरी काम के लिए सोना खरीदने वाले हैं तो सिर्फ यह देखकर फैसला करना ठीक नहीं होगा कि भाव एक दिन में कितना बढ़ा या घटा. ऊंचे भाव पर एकमुश्त खरीदारी के बजाय जरूरत और बजट के हिसाब से खरीदारी को हिस्सों में बांटना एक सही तरीका हो सकता है.वहीं निवेश के नजरिए से खरीदारी करने वालों के लिए 12 अगस्त का अमेरिकी Inflation Data खास महत्व रखता है. आंकड़े आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है और उसका असर घरेलू MCX कीमतों पर भी पड़ सकता है.
मान लीजिए किसी व्यक्ति के पास मौजूदा कीमत के आधार पर 10 लाख रुपये का सोना है. अगर कीमत में 1 फीसदी तेजी आती है तो उसकी वैल्यू करीब 10.10 लाख रुपये हो सकती है. वहीं 2 फीसदी तेजी में यही वैल्यू करीब 10.20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. इसी तरह अगर बाजार में 1 फीसदी गिरावट आती है तो 10 लाख रुपये की वैल्यू करीब 9.90 लाख रुपये रह जाएगी. यानी छोटे प्रतिशत का बदलाव भी बड़ी रकम पर हजारों रुपये का अंतर पैदा कर सकता है. यही वजह है कि मौजूदा ऊंचे भाव पर खरीदारी करने वालों के लिए सिर्फ आज का रेट देखना काफी नहीं है.
12 अगस्त को तीन चीजें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहेंगी. पहली अमेरिकी Inflation Data, दूसरी अंतरराष्ट्रीय गोल्ड की चाल और तीसरी डॉलर की दिशा. इन तीनों का असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर पड़ सकता है. Reuters के अनुसार, 11 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय गोल्ड 4,434.84 डॉलर प्रति औंस के करीब दो महीने के उच्च स्तर तक पहुंचा. ऐसे में बाजार पहले ही ऊंचे स्तर पर है और किसी बड़े डेटा के बाद तेज प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
सोने और चांदी के ऊंचे भाव देखकर घबराकर खरीदारी करना या सिर्फ एक दिन की तेजी देखकर पूरा निवेश कर देना दोनों ही जोखिम भरे फैसले हो सकते हैं. खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई बड़ा आर्थिक आंकड़ा आने वाला हो. अगर खरीदारी जरूरी है तो बजट और जरूरत के अनुसार चरणबद्ध खरीदारी बेहतर रणनीति हो सकती है. वहीं निवेशक को MCX भाव के साथ अंतरराष्ट्रीय गोल्ड, डॉलर और अमेरिकी Inflation Data पर भी नजर रखनी चाहिए.