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Financial Rules Change: हर महीने कुछ वित्तीय नियमों में बदलाव होता है, जो महीने की पहली तारीख से लागू होता है. इस बार भी गुरुवार (1 अगस्त) से कुछ वित्तीय बदलाव लागू हो रहे हैं, जो आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं.
Financial Rules Change: हर महीने सरकारी विभागों से लेकर बैंकों तक के नियमों में कुछ बदलाव होते रहते हैं. ये बदलाव हर महीने की पहली तारीख को लागू होते हैं. इस बार भी गुरुवार (1 अगस्त) से कुछ वित्तीय बदलाव हुए हैं, जिनका असर आपकी जेब पर पड़ने जा रहा है. इन बदलावों में इनकम टैक्स रिटर्न से लेकर व्हीकल फास्टैग तक शामिल है, जिनकी अनदेखी करने पर आपको जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. आइए हम बताते हैं आपको कि गुरुवार से कौन-कौन से बदलाव लागू हो गए हैं.
1. पुराने फास्टैग को बदलना होगा इस महीने
राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग के जरिये टोल टैक्स वसूली के लिए NPCI (National Payments Corporation of India) ने कुछ शर्तें रखी हैं, जो सभी कंपनियों को 31 अक्टूबर से पहले पूरी करनी हैं. इन शर्तों को पूरा करने की डेडलाइन गुरुवार यानी 1 अगस्त से शुरू हो गई है, जिसके पूरा नहीं होने पर आपकी कार का फास्टैग बंद हो जाएगा. दरअसल NPCI ने सभी फास्टैग सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को अपने 5 साल से ज्यादा पुराने फास्टैग को बदलकर नया फास्टैग वाहनों में लगवाने का निर्देश दिया है. साथ ही 3 से 5 साल पुराने फास्टैग यूज कर रहे कस्टमर्स को 31 अक्टूबर से पहले अपना केवाईसी भी अपडेट कराना होगा. यह काम फास्टैग की वेबसाइट पर जाकर किया जा सकता है.
2. BIS मार्क फुटवियर ही बिकेगा बाजार में
केंद्र सरकार ने तय किया है कि बाजार में अब भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की तरफ से सर्टिफाइड यानी BIS मार्का फुटवियर ही बिकेगा. यह नियम 1 अगस्त से लागू हो गया है. अपने फुटवियर के लिए बीआईएस सर्टिफिकेट लेने में जूता-चप्पल निर्माताओं को कई तरह के गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा. इससे जूता-चप्पल निर्माताओं की लागत बढ़ेगी. यह लागत निश्चित तौर पर कस्टमर्स से ही वसूली जाएगी यानी आपके जूते-चप्पल महंगे हो जाएंगे. हालांकि इसका लाभ यह भी है कि कस्टमर्स को अब मार्केट में घटिया मटीरियल से बने जूते-चप्पल कोई नहीं बेच पाएगा.
3. अब आईटीआर भरने की कोशिश की तो लगेगा जुर्माना
अपनी वित्तीय वर्ष 2023-24 की आय पर इनकम टैक्स रिटर्न 31 जुलाई तक भरना था. अब 1 अगस्त से भी आप 31 दिसंबर तक इस पर लेट रिटर्न भर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको जुर्माना चुकाना होगा. यह जुर्माना आपकी आय के हिसाब से तय होगा. यदि आपकी सालाना इनकम 5 लाख रुपये या उससे ज्यादा है तो आपके ऊपर 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा और यदि इनकम इससे कम है तो आप 1,000 रुपये का जुर्माना चुकाकर अपना रिटर्न भर सकते हैं.
4. एचडीएफसी बैंक वसूलेगा ये चार्ज
यदि आप HDFC Bank का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसके ट्रांजेक्शन नियम भी गुरुवार (1 अगस्त) यानी आज से बदल गए हैं. अब आप यदि मोबीक्विक, फ्री चार्ज या पेटीएम आदि जैसी थर्ड पार्टी के जरिये किराया चुकाते हैं तो आपसे 1 फीसदी ट्रांजेक्शन चार्ज वसूला जाएगा, जो अधिकतम 3,000 रुपये होगा. कार्ड से 15,000 रुपये से ज्यादा का फ्यूल पेमेंट करने पर भी 1% चार्ज लगेगा, जो अधिकतम 3,000 रुपये होगा. कार्ड के ईजी-ईएमआई विकल्प का लाभ उठाने पर 299 रुपये प्रोसेसिंग फीस वसूली जाएगी.
5. गूगल मैप्स के प्रोफेशनल इस्तेमाल की फीस घटेगी
यदि आप गूगल मैप्स का प्रोफेशनल उपयोग करते हैं तो आपको अब कम फीस चुकानी होगी. गूगल मैप्स ने 1 अगस्त से अपनी फीस में 70 फीसदी कटौती कर दी है. साथ ही यह फीस अब डॉलर के बजाय भारतीय रुपये में भी चुकाई जा सकती है. हालांकि निजी उपयोग के लिए गूगल मैप्स का कोई चार्ज नहीं चुकाना होगा.
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