Advertisement

तिजोरी में रखे सोने-चांदी को लेकर बदल गया पूरा खेल, एक्सपर्ट की इस चेतावनी को न करें इग्नोर, जानिए खरीदें या बेचें

Bullion Market Trends for Today: आज 13 जुलाई 2026 को सोने का भाव लगभग ₹1,43,370 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही है. मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय के मुताबिक, इस रिकॉर्ड महंगाई के बीच अब खरीदार मेटल को सिर्फ गहना नहीं, बल्कि महंगाई के खिलाफ ढाल मान रहे हैं.

Latest News
तिजोरी में रखे सोने-चांदी को लेकर बदल गया पूरा खेल, एक्सपर्ट की इस चेतावनी को न करें इग्नोर, जानिए खरीदें या बेचें

सोने-चांदी की ऐतिहासिक तेजी में कैसे बचाएं अपनी गाढ़ी कमाई, एक्सपर्ट से समझिए (फोटो एआई)

Add DNA as a Preferred Source

जब आप आज यानी 13 जुलाई 2026 को सराफा बाजार का रुख करते हैं, तो स्क्रीन पर चमकते नंबर आपको चौंका सकते हैं. आज 24 कैरेट सोने की कीमत देश के बड़े बाजारों में करीब ₹1,43,370 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रही है, वहीं चांदी भी ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम के भारी-भरकम स्तर पर मजबूती से टिकी हुई है. आम उपभोक्ता के लिए यह सिर्फ एक महंगाई का आंकड़ा नहीं है, बल्कि अपनी लाइफस्टाइल और निवेश की योजना को पूरी तरह री-सेट करने का समय है. जब शादियों के लिए गहने खरीदना आम आदमी के बजट से बाहर होने लगे, तो यह समझना जरूरी हो जाता है कि बाजार की इस बेकाबू रफ्तार के पीछे आखिर कौन से छुपे हुए कारण काम कर रहे हैं.

एक्सपर्ट का खास नजरिया, सिर्फ गहना नहीं अब 'इंफ्लेशन हेज' बन चुका है सोना-चांदी

मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय का मानना है कि आज के दौर में सोने और चांदी को पारंपरिक नजरिए से देखना एक बड़ी भूल होगी. देवकृष्ण पांडेय कहते हैं कि जब बाजार में रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ते हैं, तो करेंसी यानी रुपये की परचेजिंग पावर (खरीदने की क्षमता) कम होने लगती है. ऐसे में लोग अपनी वेल्थ को बचाने के लिए कीमती धातुओं की तरफ भागते हैं. इसे फाइनेंशियल भाषा में 'इंफ्लेशन हेज' या महंगाई से बचाव का साधन कहा जाता है. पांडेय के अनुसार, चांदी की औद्योगिक मांग (Industrial Demand) जैसे कि सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बढ़ती खपत ने इसके भाव को एक नया सपोर्ट दिया है, जिससे यह आम निवेशकों के लिए और भी ज्यादा आकर्षक हो गई है.

देश-दुनिया की इन घटनाओं ने बदल दिया बुलियन मार्केट का मिजाज

अगर आप सोच रहे हैं कि आज सराफा बाजार में यह उथल-पुथल क्यों है, तो आपको अपनी नजरें ग्लोबल इवेंट्स पर ले जानी होंगी. सबसे बड़ा असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसलों और डॉलर इंडेक्स की हरकतों से पड़ रहा है. इसके अलावा, मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे भू-राजनीतिक संकट और यूक्रेन-रूस के मोर्चे पर पल-पल बदलते हालातों ने पूरी दुनिया के निवेशकों में एक डर पैदा कर दिया है. एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय बताते हैं कि जब भी दुनिया में कोई बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल होती है, तो बड़े-बड़े फंड मैनेजर्स शेयर बाजार से पैसा निकालकर रातों-रात कमोडिटी मार्केट में शिफ्ट कर देते हैं, जिससे भारत जैसे कंज्यूमर मार्केट में अचानक कीमतों का ग्राफ ऊपर चला जाता है.

भविष्य का क्या है प्रीडिक्शन और आम जनता कैसे बनाए अपनी रणनीति

कीमतों में लगातार होने वाले इस भारी उतार-चढ़ाव ने आम परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है. जो लोग यह सोचकर बैठे थे कि रेट थोड़े कम होंगे तो खरीदारी करेंगे, वे अब असमंजस में हैं. देवकृष्ण पांडेय का प्रीडिक्शन है कि जब तक वैश्विक परिस्थितियां पूरी तरह शांत नहीं हो जातीं, तब तक सोने-चांदी के भावों में स्थिरता आने की उम्मीद बेहद कम है. आम खरीदारों के लिए देवकृष्ण पांडेय की सीधी सलाह है कि वे एक बार में अपनी पूरी पूंजी लगाने के बजाय 'बाय ऑन डिप्स' यानी जब भी कीमतों में थोड़ी गिरावट आए, तब छोटी-छोटी मात्रा में फिजिकल या डिजिटल फॉर्मेट में खरीदारी करें. चांदी में लंबी अवधि के लिए निवेश करने वालों को आने वाले समय में बेहतर रिटर्न मिल सकता है, क्योंकि इसकी इंडस्ट्रियल वैल्यू तेजी से बढ़ रही है.

लिक्विडिटी का खेल, क्यों एक जगह नहीं ठहरते कीमती धातुओं के दाम

सोने और चांदी के बाजार की सबसे अनोखी बात यह है कि यह दुनिया का सबसे लिक्विड एसेट है. एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय समझाते हैं कि आज अगर आपके पास सोना है, तो आप दुनिया के किसी भी कोने में इसे तुरंत कैश में बदल सकते हैं. इसी खूबी की वजह से अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाज (Speculators) और दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए भारी मात्रा में सोने-चांदी का स्टॉक जमा कर रहे हैं. जब बड़े खिलाड़ी बाजार में अचानक से खरीदारी या बिकवाली करते हैं, तो डिमांड और सप्लाई का संतुलन बिगड़ जाता है. यही असली वजह है कि सुबह उठते ही आपको बाजार के मिजाज में एक बड़ा अंतर देखने को मिलता है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement