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Car insurance for engine damage in rain: मानसून में जलभराव के कारण कार का इंजन खराब होने पर साधारण कॉम्प्रिहेंसिव बीमा क्लेम खारिज हो सकता है. भारी नुकसान से बचने के लिए पॉलिसी में 'इंजन प्रोटेक्शन ऐड-ऑन' होना जरूरी है. पानी में फंसी कार को बार-बार स्टार्ट करना सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है.
क्या आप भी यह सोचकर बेफिक्र हैं कि आपकी कार का फुल इंश्योरेंस है, तो बारिश के पानी में गाड़ी डूबने पर कंपनी सारा खर्चा उठाएगी? अगर हाँ, तो आप बहुत बड़े धोखे में हैं. मानसून आते ही सड़कों पर समंदर जैसे हालात बन जाते हैं. ऐसे में अगर आपकी गाड़ी पानी से लबालब सड़क पर बंद हो जाती है और उसका इंजन सीज हो जाता है, तो आपकी जेब पर लाखों रुपये का बोझ आ सकता है. अधिकांश कार मालिकों को यह सच तब पता चलता है जब बीमा कंपनी उनका क्लेम रिजेक्ट कर देती है.
ज्यादातर लोग शोरूम से गाड़ी निकालते वक्त या रिन्यू कराते समय कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस ले लेते हैं. उन्हें लगता है कि इसमें सब कुछ कवर है. लेकिन असलियत यह है कि साधारण पॉलिसी में पानी घुसने से इंजन को हुए नुकसान को 'परिणामी नुकसान' या कॉन्सिक्वेंशियल लॉस माना जाता है. बीमा कंपनियों का तर्क होता है कि पानी भरना एक प्राकृतिक आपदा हो सकती है, लेकिन उस स्थिति में इंजन का खराब होना गाड़ी के इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करता है. यही वजह है कि बिना खास नियम समझे क्लेम करने पर लोगों को निराशा हाथ लगती है.
जब कार पानी भरे रास्ते में अचानक बंद हो जाती है, तो चालक घबराहट में सबसे पहली गलती यह करता है कि वह बार-बार चाबी घुमाकर या बटन दबाकर इंजन स्टार्ट करने की कोशीश करता है. यह कार के लिए सुसाइड जैसा है. पानी के अंदर इंजन चालू करने से 'हाइड्रोस्टैटिक लॉक' हो जाता है, जिससे पिस्टन और क्रैंकशाफ्ट जैसे बेहद महंगे पुर्जे टूट जाते हैं. बीमा कंपनियां मानती हैं कि गाड़ी को दोबारा स्टार्ट करना आपकी लापरवाही थी, न कि कोई अचानक हुआ हादसा. इस एक लापरवाही की वजह से आपका पूरा क्लेम पल भर में खारिज किया जा सकता है.
एचडीएफसी एर्गो और पॉलिसीबाज़ार इंडिया रिसर्च रिपोर्ट के साथ ही भारत की अग्रणी बीमा कंपनियों और एग्रीगेटर पोर्टल्स के डेटा के अनुसार, जलभराव में कार स्टार्ट करना क्लेम खारिज होने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है.
अगर आप चाहते हैं कि मानसून की आफत आपकी गाढ़ी कमाई न बहा ले जाए, तो आपको अपनी मुख्य पॉलिसी के साथ 'इंजन प्रोटेक्शन कवर' या 'इंजन प्रोटेक्ट ऐड-ऑन' लेना ही पड़ेगा. यह एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है जिसके लिए बहुत मामूली सा एक्स्ट्रा प्रीमियम देना होता है. यह कवर खासतौर पर इंजन में पानी जाने, हाइड्रोस्टैटिक लॉक होने या लुब्रिकेंट तेल के रिसाव से होने वाले नुकसान की भरपाई करता है. इसके बिना भारी बारिश के दिनों में आपकी कार आधी अधूरी सुरक्षा के साथ सड़क पर दौड़ रही है.
आजकल की आधुनिक कारों में इलेक्ट्रॉनिक और सेंसर का काम बहुत ज्यादा होता है, जिससे इंजन का काम सीधे तौर पर लाखों रुपये में बैठता है. एक आम नौकरीपेशा इंसान के लिए अचानक इतना बड़ा खर्चा पूरे साल का बजट बिगाड़ देता है. इससे बचने का सबसे सीधा उपाय है कि आज ही अपनी पॉलिसी के 'कवरेज विवरण' को ध्यान से चेक करें. अगर उसमें इंजन सुरक्षा या हाइड्रोस्टैटिक लॉक कवर शामिल नहीं है, तो तुरंत अपनी बीमा कंपनी से बात करके इसे जुड़वाएं. साथ ही, अगर गाड़ी पानी में फंस जाए तो उसे क्रेन से सीधे सर्विस सेंटर भेजें, खुद मैकेनिक बनने की भूल बिल्कुल न करें.
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