बिजनेस
नौकरी के भरोसे जिंदगी बिताने से बेहतर है कि अपने हुनर और छोटे से निवेश पर दांव लगाया जाये, जहां छोटे से दिखने वाले स्नेक्स की शुरुआत आप घर से कर इसे बड़ा ब्रांड बना सकते हैं. यह बिजनेस न सिर्फ आपको आर्थिक रूप से मजबूत करेगा, बल्कि समाज में आपका अपना एक ब्रांड भी स्थापित करेगा.
क्या आप भी नौकरी में परेशान हैं. हर महीने आने वाली सैलरी के चक्रव्यूह से निकलकर अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पैसा और बिजनेस आइडिया दोनों ही नहीं है तो आप अपने घर बैठकर मात्र 20 हजार रुपये स्नैक्स के बिजनेस शुरू कर सकता है. एक अच्छी प्लानिंग और रिसर्च के साथ घर के किचन से बड़ा ब्रांड बना सकते हैं. इतना ही नहीं इसकी डिमांड भी इतनी है कि एक बार आपका स्नेक्स लोगों को पसंद आ गया तो पूर्ति करना मुश्किल हो जाएगा, जी हां, नमकीन और क्रिस्पी बनाना चिप्स का एक ऐसा कारोबार है, जिसकी डिमांड साल के 365 दिन बनी रहती है. आइए जानते हैं कैसे आप इस छोटे से स्वाद के सफर को एक बड़ी कमाई का जरिया बना सकते हैं...
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास वक्त की कमी है, लेकिन स्नैक्स खाने का शौक कम नहीं हुआ है. सुबह या शाम की चाय हो या फिर अचानक घर आए मेहमान हों छोटी-मोटी भूख. हर जगह पैकेटबंद नमकीन और चिप्स की मांग आसमान छू रही है. यह एक ऐसा सेक्टर है, जो मंदी के दौर में भी मंदी का शिकार नहीं होता. लोग कपड़े या गैजेट्स खरीदना टाल सकते हैं, लेकिन खाने-पीने की चीजें कभी बंद नहीं होतीं.
आम आदमी के लिए यह बिजनेस कम रिस्क और हाई रिटर्न वाला साबित होता है, क्योंकि इसमें आपको किसी बड़े गोदाम या महंगे कमर्शियल स्पेस की शुरुआती जरूरत नहीं होती. आप अपने घर के एक छोटे से कोने या किचन से इसकी शुरुआत कर सकते हैं.
कम बजट में बड़ा काम करने के लिए स्मार्ट प्लानिंग की जरूरत होती है. आपको एकमुश्त लाखों खर्च करने की कोई आवश्यकता नहीं है. 20,000 रुपये के बजट में आपको सबसे पहले अच्छी क्वालिटी के कच्चे केले, बेसन, मसाले, तलने के लिए तेल और सबसे अहम पैकेजिंग मैटेरियल की जरूरत होगी. शुरुआत में महंगी कमर्शियल मशीनों की जगह घरेलू बर्तनों और एक साधारण सी हैंड-सीलिंग मशीन जो कुछ ही 1000 से 1500 रुपये में मिल जाती है. इससे काम चलाया जा सकता है. जैसे-जैसे मुनाफा बढ़े, आप ऑटोमैटिक स्लाइसर और सीलिंग मशीन खरीद सकते हैं.
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि सिर्फ स्वाद अच्छा होना चाहिए, लेकिन आज के दौर में पैकेजिंग ही प्रोडक्ट का आधा चेहरा होती है. अपने लोकल ब्रांड को एक नाम दें, उस पर आकर्षक सा लोगो छापें. आप मोबाइल ऐप से भी यह मुफ्त में डिजाइन कर सकते हैं. इसके साथ ही FSSAI रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर लें. इससे ग्राहकों का भरोसा रातोंरात बढ़ जाता है. वहीं बड़ी कंपनियों के चिप्स और नमकीन में ट्रांसपोर्ट, भारी-भरकम विज्ञापन और डिस्ट्रीब्यूटर का मार्जिन जुड़ा होता है, जिससे वे महंगे बिकते हैं. आप लोकल मार्केट में फ्रेश और क्रिस्पी माल कम कीमत पर और बेहतर मार्जिन के साथ सीधे किराना स्टोर तक पहुंचा सकते हैं. इससे न सिर्फ आपकी पहचान बनेगी. स्वाद पसंद आने पर प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ती चली जाएगी.
शुरुआत हमेशा छोटे दायरे से करनी चाहिए ताकि घाटे का खतरा कम से कम रहे. इसके लिए स्थानीय दुकानों से शुरुआत करें. अपने आस-पास के कम से कम 10 से 15 किराना स्टोर, बेकरी और टी-स्टॉल मालिकों से मिलें. उन्हें अपने हाथ के बने फ्रेश चिप्स और नमकीन के सैंपल चखाएं. अपने प्रोडक्ट पर उन्हें अच्छा खासा मुनाफा दें. ऐसे में वे खुशी-खुशी आपके पैकेट अपनी दुकान पर आगे रखेंगे. इसके अलावा, वीकेंड पर लगने वाले लोकल मार्केट या मेलों में भी स्टॉल लगाकर आप डायरेक्ट ग्राहकों से जुड़ सकते हैं.