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PayTm के लॉक-इन पीरियड के खत्म होने से पहले सबसे बड़ी बिकवाली, Soft Bank बेचेगी 1,740 करोड़ रुपये के शेयर

Paytm के स्टॉक लिस्टिंग के बाद पहले ही 72 प्रतिशत गिर चुके हैं. इस बिकवाली के बाद इसके स्टॉक्स में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है.

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PayTm के लॉक-इन पीरियड के खत्म होने से पहले सबसे बड़ी बिकवाली, Soft Bank बेचेगी 1,740 करोड़ रुपये के शेयर

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डीएनए हिंदी: Paytm की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के शेयरों में कुछ दिनों में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है. दरअसल जापान का सॉफ्टबैंक (SoftBank) 200 मिलियन डॉलर ब्लॉक डील के माध्यम से पेटीएम भुगतान ऐप पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (One97 Communications Ltd) में अपनी हिस्सेदारी का एक तिहाई हिस्सा बेचने की तैयारी कर रहा है. बता दें कि सॉफ्टबैंक पेटीएम के लगभग 1,746 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगा. सॉफ्टबैंक ने ऐसे समय में यह फैसला लिया है जब पेटीएम के निवेशकों के लिए प्री-आईपीओ (Pre-IPO) का लॉक-इन पीरियड का यह आखिरी हफ्ता है.

सॉफ्टबैंक, जो पेटीएम का 12.9% का मालिक है, गुरुवार को फिनटेक कंपनी के 29 मिलियन शेयर या 4.5% बेचने की योजना बना रहा है. सॉफ्टबैंक ने Paytm के लगभग 2.9 करोड़ स्टॉक्स को 555 रुपये के भाव पर सेल के लिए रखा है. 

संस्थागत निवेशकों को शेयर 555-601.45 रुपये पर ऑफर किए जा रहे हैं. अगर बिक्री पूरी हो जाती है, तो सॉफ्टबैंक को कम से कम 1,628.9 करोड़ रुपये या 200 मिलियन डॉलर मिलेंगे.

बैंक ऑफ अमेरिका लेनदेन का एकमात्र ब्रोकर है. बिक्री पेटीएम में प्री-आईपीओ निवेशकों के लिए एक साल के अनिवार्य लॉक-इन के अंत के बाद हुई है. प्रारंभिक शेयर बिक्री में 18,300 करोड़ रुपये जुटाने के बाद पेटीएम ने 15 नवंबर 2021 को एक्सचेंजों पर कारोबार शुरू किया, जो भारत में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ है. हालांकि, सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली फर्म के रूप में पेटीएम की यात्रा जल्दी ही बदतर हो गई. दरअसल स्टॉक 2,150 रुपये प्रति शेयर के इश्यू मूल्य से बाजार में आने पर 27% गिर गया.

पिछले साल शुरू हुई ग्लोबल टेक मंदी के बीच, पेटीएम स्टॉक अपने आईपीओ इशू प्राइस से नीचे रहा, बुधवार को यह 601.30 रुपये पर बंद हुआ. अभी के दौर में शेयर अपने इश्यू प्राइस से 72 फीसदी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है.

वहीं अन्य टेक फर्मों में भी इसी तरह के ब्लॉक ट्रेड देखे गए हैं. उबर (Uber) और टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) जैसे निवेशकों ने इस साल की शुरुआत में आईपीओ लॉक-इन समाप्त होने पर ज़ोमैटो (Zomato) में अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा समाप्त कर दिया है.

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