Advertisement

अमेज़न ला रहा भारत में 38 लाख नौकरियां तो कोका-कोला संभालेगा केदारनाथ की सफाई; देश में शुरू हुए दो सबसे बड़े अभियान

Two major nationwide campaigns launched: अमेज़न ने भारत में 13 अरब डॉलर के नए निवेश का ऐलान किया है, जिससे देश में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. दूसरी ओर, केदारनाथ धाम को स्वच्छ रखने के लिए 11,755 फीट की ऊंचाई पर एक आधुनिक कचरा रिकवरी सेंटर शुरू किया गया है.

Latest News
अमेज़न ला रहा भारत में 38 लाख नौकरियां तो कोका-कोला संभालेगा केदारनाथ की सफाई; देश में शुरू हुए दो सबसे बड़े अभियान

अमेज़न भारत में ला रहा है 38 लाख नौकरियां; उधर केदारनाथ धाम में शुरू हुआ स्वच्छता का महा-संग्राम (फोटो एआई)

Add DNA as a Preferred Source

क्या आप जानते हैं कि आने वाले दिनों में आपके बच्चों की पढ़ाई, आपके काम करने के तरीके और यहाँ तक कि आपकी अगली केदारनाथ यात्रा में क्या कुछ बदलने वाला है? एक तरफ जहां दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़न आपके शहर और आपके मोबाइल स्क्रीन को एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पूरी तरह बदलने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बाबा केदार के धाम को प्लास्टिक कचरे से बचाने के लिए एक अनोखा मिशन शुरू हुआ है. ये दोनों ही खबरें आपके भविष्य और पर्यावरण से सीधे जुड़ी हैं.

भारत में अमेज़न का महा-निवेश, युवाओं के लिए खुलेंगे नौकरियों के नए दरवाजे

अमेज़न के सीईओ एंडी जस्सी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद एक ऐतिहासिक घोषणा की है. कंपनी साल 2026 से 2030 के बीच भारत में 13 अरब डॉलर (लगभग एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का अतिरिक्त निवेश करने जा रही है. इससे पहले दिसंबर 2025 तक कंपनी ने 35 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया था, जिसे मिलाकर अब भारत में अमेज़न का कुल निवेश 48 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा. आम जनता और मिडिल क्लास परिवारों के लिए इसका सीधा फायदा यह है कि इस निवेश से देश में करीब 3.8 मिलियन (38 लाख) नौकरियों को सपोर्ट मिलेगा. यानी आने वाले समय में आईटी सेक्टर से लेकर लॉजिस्टिक्स तक में बंपर रोजगार के मौके बनने वाले हैं.

एआई की दुनिया में भारत बनेगा सुपरपावर, छोटे बिजनेसमैन को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

अमेज़न इस भारी-भरकम रकम का एक बड़ा हिस्सा मुंबई और हैदराबाद में स्थित एडब्ल्यूएस (AWS) डेटा सेंटर्स को बड़ा करने में लगाएगा. इसका उद्देश्य देश में एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है. इससे भारत के करीब 15 मिलियन (डेढ़ करोड़) छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को एआई टेक्नोलॉजी का सीधा फायदा मिलेगा, जिससे वे अपने बिजनेस को घर बैठे ग्लोबल लेवल पर ले जा सकेंगे. इतना ही नहीं, इस मिशन के तहत सरकारी स्कूलों के 4 मिलियन (40 लाख) बच्चों को एआई की फ्री शिक्षा दी जाएगी, ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी भविष्य की इस एडवांस टेक्नोलॉजी में पीछे न छूटें.

केदारनाथ धाम में 11,755 फीट की ऊंचाई पर खुला देश का अनोखा कचरा सेंटर

हर साल लाखों लोग बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुँचते हैं, लेकिन अपने पीछे भारी मात्रा में प्लास्टिक और कूड़ा छोड़ आते हैं. इतनी ऊंचाई पर पर्यावरण को बचाना एक बड़ी चुनौती थी. इसी संकट को दूर करने के लिए आनंदाना - द कोका-कोला फाउंडेशन ने हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर केदारनाथ में एक वेस्ट रिकवरी फैसिलिटी यानी कचरा प्रबंधन केंद्र स्थापित किया है. हिमालयन हार्मनी प्रोजेक्ट के तहत बना यह सेंटर 11,755 फीट की रिकॉर्ड ऊंचाई पर स्थित है, जो करीब 3000 स्क्वायर फीट में फैला हुआ है. यहाँ एक बेलिंग मशीन लगाई गई है जो कूड़े को दबाकर छोटा कर देती है ताकि उसे पहाड़ों से नीचे लाने में आसानी हो.

कैरी मी बैक अभियान, अब आपकी आस्था के साथ पर्यावरण को भी संभालना होगा

केदारनाथ पंचायत क्षेत्र में कचरा इकट्ठा करने के लिए ट्रैक्टर और गाड़ियों का इंतजाम किया गया है. लेकिन सबसे दिलचस्प बात है इनका '#CarryMeBack' अभियान. इसके जरिए केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को प्रेरित किया जा रहा है कि वे पहाड़ों पर कचरा न फैलाएं, बल्कि उसे अपने साथ नीचे वापस लेकर आएं. पहाड़ों पर ऊंचे इलाकों में वेस्ट मैनेजमेंट करना बहुत खर्चीला और मुश्किल काम होता है. ऐसे में एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है जहाँ ऊपर से कचरा इकठ्ठा कर नीचे रिसाइकलर तक पहुंचाया जा सके और यह पूरा मॉडल बिना किसी आर्थिक नुकसान के चलता रहे. इस मुहिम से अब आम यात्रियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है ताकि हमारी आस्था की जगहें हमेशा साफ और सुंदर बनी रहें.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement