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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अगले 25 साल को महत्वपूर्ण बताया है. इस बारे में अंबरीश पांडे की विशेष रिपोर्ट...
डीएनए हिंदी: बेंगलुरु में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम (IGF) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहुंची. इस दौरान उन्होंने क्रिप्टो से लेकर बजट में किए गए ऐलान पर चर्चा की. आइए जानते हैं क्या कुछ कहा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने?
क्रिप्टो पर कंसल्टेशन जारी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IGF मीटिंग के दौरान कहा कि क्रिप्टो को लेकर बहुत सारी आशंकाएं हैं. फिलहाल इसपर कंसल्टेशन जारी है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंत्रालय इसपर विचार करेगा. एक्जीक्यूटिव को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि इसे लेकर किसी भी तरह की कानूनी समस्या ना हो. क्रिप्टो पर लगाए गए टैक्स को लेकर उद्योग ने जिस तरह से इसका स्वागत किया है वह तारीफ के काबिल है. बहुत से भारतीयों ने क्रिप्टो को लेकर सुनहरा भविष्य देखा है लेकिन मुझे इसमें रेवेन्यू (tax) दिखता है. डिजिटल करेंसी एक ऐसी करेंसी है जिसमें ज्यादातर लोग निवेश करना चाह रहे हैं. डिजिटल करेंसी को लेकर RBI से विचार विमर्श किया गया है. RBI जिस तरह चाहे इसे वैसे डिजाइन कर सकता है.
अगले 25 साल विकास के लिए जरूरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किए गए बजट पर कहा कि सरकार का बजट अगले 25 साल का रोडमैप पेश करने के साथ ही बुनियादी ढांचे में हम जो हासिल करना चाहते हैं उसकी रूपरेखा प्रदान करता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस बजट में खासतौर से प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने पर ज्यादा जोर दिया गया है. 2 साल में 45 यूनिकॉर्न हमें बताते हैं कि युवा देश को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं. उन्होंने इसे अमृत काल भी कहा था. बजट में डिजिटलाइजेशन, टेक्नोलॉजी पर ज्यादा से ज्यादा फोकस किया गया है. PLI के जरिए चुने गए 14 सेक्टर भारत को एक नई दिशा में ले जायेंगे और ये वे क्षेत्र होंगे जहां भारत नेतृत्व करेगा.
डिजिटल बैंक
निजी खपत में अच्छी खासी वृद्धि हुई है. डिजिटल इंडिया के समय में डिजिटल बैंक आज घर घर मौजूद है. बजट में 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट लगाने की घोषणा की गई. इसके जरिए वित्तीय समावेशन में वृद्धि होगी. डिजिटल बैंकिंग से आज फिनटेक कंपनियों में अच्छा खासा प्रॉफिट हो रहा है.
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