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Mumbai Airport का होगा कायाकल्प, Adani Group ने जुटाया 1 अरब डॉलर का फंड, जानिए क्या होगा बदलाव

Mumbai Airport को और ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी वाला करने की तैयारी है. साथ ही इसका विस्तार भी किया जाना है. इसके लिए अडानी एयरपोर्ट्स (Adani Airports) ने विदेशी निवेशकों से फंडिंग जुटानी शुरू की है. 

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Mumbai Airport का होगा कायाकल्प, Adani Group ने जुटाया 1 अरब डॉलर का फंड, जानिए क्या होगा बदलाव
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Mumbai News: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport) का कायाकल्प करने की तैयारी शुरू हो गई है. मुंबई एयरपोर्ट (Mumbai Airport) का संचालन संभालने वाली अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने मंगलवार को बताया कि उसे 1 अरब डॉलर की फंडिंग मिली है. यह फंडिंग मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के लिए प्रोजेक्ट फाइनेंस स्ट्रक्चर के जरिये ली गई है, जिसमें जुलाई 2029 तक मेच्योर होने वाले 750 मिलियन डॉलर के बॉन्ड्स के अलावा 250 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त फाइनेंसिंग जुटाना शामिल है. इस रकम से मुंबई एयरपोर्ट को और ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस करने के साथ ही उसका विस्तार किया जाएगा.

मुंबई एयरपोर्ट को बनाया जाएगा देश का सबसे बड़ा 'एयरोट्रॉपोलिस'
अडानी एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी के तौर पर अडानी एयरपोर्ट्स देशभर में उसकी होल्डिंग वाले एयरपोर्ट्स का संचालन देखती है. मुंबई एयरपोर्ट का संचालन मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (Mumbai International Airport Limited) संभालती है. PPP मोड में काम करने वाली MIAL में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Airport Authority of India) के 26 फीसदी और अडानी एयरपोर्ट्स के 74 फीसदी शेयर हैं. MIAL का टारगेट मुंबई एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े 'एयरोट्रॉपोलिस' के तौर पर डेवलप करना है, जिस पर हवाई यात्रा के साथ ही बिजनेस, रेजीडेंशियल और कॉमर्शियल फैसेलिटीज भी मौजूद होंगी. 

MIAL को आर्थिक मजबूती देगी नई फंडिंग
अडानी एयरपोर्ट्स ने कहा कि नई फंडिंग से MIAL को डेवलपमेंट, एडवांसमेंट और क्षमता बढ़ोतरी के लिए होने वाली पूंजीगत व्यय की आर्थिक मजबूती मिलेगी. यह नई फाइनेंसिंग हाल ही में वैश्विक बैंकों के एक संघ से एएएचएल द्वारा प्राप्त 750 मिलियन डॉलर की फाइनेंसिंग के बाद हुई है. इस फंडिंग से कंपनी की हाई क्वॉलिटी इन्वेस्टर्स को भारत के नेक्स्ट जनरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म की तरफ आकर्षित करने की क्षमता साबित हुई है. साथ ही ग्लोबल कैपिटल मार्केट तक अडानी ग्रुप की पहुंच का भी यह प्रमाण है. अडानी एयरपोर्ट्स के सीईओ अरुण बंसल ने कहा,'यह अडानी एयरपोर्ट्स के ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म की पॉवर, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट के लिए हमारी प्रतिबद्धता को भी प्रमाणित करता है.' उन्होंने कहा,'हमें अपोलो मैनेज्ड फंड्स और पहली पंक्ति के संस्थागत निवेशकों की भागीदारी के साथ पूंजी के ग्लोबल पूल तक अपनी पहुंच गहरा करने पर गर्व है. सबसे बड़े प्राइवेट इंवेस्टमेंट ग्रेड प्रोजेक्ट फाइनेंस निर्गमों में से एक को सिक्योर करने की हमारी क्षमता वित्तीय अनुशासन, पूंजी दक्षता और लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएशन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता दिखाती है.'

2029 तक एयरपोर्ट से नेट जीरो उत्सर्जन का टारगेट
साल 2019 में अडानी एंटरप्राइजेज की 100 फीसदी सहायक कंपनी के तौर पर अडानी एयरपोर्ट्स को अडानी ग्रुप में शामिल किया गया था. कंपनी के मुताबिक, एयरपोर्ट्स पर 2029 तक नेट जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने का टारगेट तय किया गया है, जिसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निवेश के माध्यम से आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, डिजिटलीकरण और टेक्नोलॉजी इंटिग्रेशन के पहलू पर बदलने के लॉन्ग टर्म विजन के तहत कंपनी प्रतिबद्धता से काम कर रही है.

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