बिजनेस
Best upcoming IPOs to invest: अगस्त के पहले सप्ताह में शेयर बाजार में कमाई का बड़ा मौका मिलने जा रहा है. अर्डी इंडस्ट्रीज और टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स समेत 6 नए आईपीओ खुलने वाले हैं, जबकि 11 नई कंपनियां मार्केट में लिस्ट होंगी. निवेशकों के लिए यह हफ्ता काफी हलचल भरा रहेगा.
अगर आप भी शेयर बाजार से कमाई करने के नए अवसर खोज रहे हैं तो ये हफ्ता आपके लिए बेहद खास साबित होने वाला है. प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर से जबरदस्त हलचल देखने को मिलने वाली है. 3 अगस्त यानी आज सोमवार से शुरू हो रहे हफ्ते में कुल 6 कंपनियां अपने आईपीओ लेकर आ रही हैं, जिनमें से 2 मेनबोर्ड की बड़ी कंपनियां हैं और 4 एसएमई सेगमेंट की हैं. इसके साथ ही, जिन लोगों ने हाल ही में पैसे लगाए थे, उनके लिए भी खुशखबरी है क्योंकि 11 नई कंपनियां बाजार में अपनी एंट्री मारने जा रही हैं.
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आम निवेशकों को इस मौके का फायदा कैसे उठाना चाहिए? बाजार की इस तेजी में क्या नए आईपीओ में दांव लगाना सुरक्षित रहेगा? आइए मार्केट एक्सपर्ट देवकृष्ण पांडेय से समझते हैं इस पूरे हफ्ते का लेखा-जोखा.
मेनबोर्ड सेगमेंट में दो बड़ी कंपनियां निवेशकों से पैसा जुटाने की रेस में सबसे आगे हैं. इनमें पहला नाम अर्डी इंडस्ट्रीज का है, जिसका आईपीओ 5 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और आप 7 अगस्त तक इसमें बोली लगा सकते हैं. कंपनी का प्लान बाजार से कुल 425.87 करोड़ रुपये जुटाने का है. इसके तहत 320 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी होंगे, जबकि 105.87 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल रखा गया है.
दूसरी तरफ, टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स का आईपीओ 7 अगस्त से खुलेगा और 11 अगस्त को बंद होगा. यह बुक-बिल्ट इश्यू 1.19 करोड़ शेयरों का है, जिसमें 0.95 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे. जो लोग सुरक्षित और बड़ी कंपनियों में अपना पैसा लगाना पसंद करते हैं, उनके लिए इन दोनों कंपनियों के दांव काफी मत्वपूर्ण हो सकते हैं.
अगर आप थोड़ा ज्यादा रिस्क लेकर तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो एसएमई सेगमेंट आपके लिए चार विकल्प लेकर आया है. हफ्ते की शुरुआत ही अनाविल वायर एंड इंजीनियरिंग के आईपीओ से होगी, जो 3 अगस्त को खुलेगा और 5 अगस्त को बंद होगा. यह इश्यू 177.81 करोड़ रुपये का है. इसके ठीक बाद 4 अगस्त को एजियस टेक्नोलॉजीज का 23.71 करोड़ रुपये का आईपीओ खुलेगा, जो पूरी तरह से फ्रेश इश्यू पर आधारित है.
हफ्ते के दूसरे हाफ में 6 अगस्त को एलएपीएल ऑटोमोटिव (LAPL Automotive) का 32.40 करोड़ रुपये का इश्यू खुलेगा. वहीं, 7 अगस्त को ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट इंडिया का आईपीओ बोली लगाने के लिए तैयार होगा. एसएमई आईपीओ में अक्सर कम समय में ज्यादा रिटर्न की संभावना रहती है, लेकिन आम निवेशक को इनमें सोच-समझकर ही आगे बढ़ना चाहिए.
क्या सोना भुनाने का सही समय आ चुका है? अचानक से बैंकों में गोल्ड लोन को लेकर जानिए क्यों बढ़ी मांग
| क्र. सं. | कंपनी का नाम | IPO का प्रकार | संभावित लिस्टिंग तिथि | शेयर बाजार |
| 1 | एडवांस टेक्नोफोर्ज (Advance Technoforge) | SME IPO | 3 अगस्त 2026 | BSE SME / NSE Emerge |
| 2 | प्रॉपशॉप इवेंट्स एंड एग्जीबिशन्स (Propshop Events) | SME IPO | 3 अगस्त 2026 | BSE SME / NSE Emerge |
| 3 | मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज (Manipal Health Enterprises) | Mainboard | 5 अगस्त 2026 | BSE & NSE |
| 4 | एचआर हाइजीन प्रोडक्ट्स (H R Hygiene Products) | SME IPO | 5 अगस्त 2026 | NSE Emerge / BSE SME |
| 5 | एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स (MV Electrosystems) | Mainboard / SME | 6 अगस्त 2026 | BSE & NSE |
| 6 | जूनीपर ग्रीन एनर्जी (Juniper Green Energy) | Mainboard | 6 अगस्त 2026 | BSE & NSE |
| 7 | वनइंडिग टेक्नोलॉजीज (Oneindig Technologies) | SME IPO | 6 अगस्त 2026 | NSE Emerge / BSE SME |
| 8 | धवल पैकेजिंग (Dhaval Packaging) | SME IPO | 6 अगस्त 2026 | BSE SME / NSE Emerge |
| 9 | पूज्या प्रिसिजन इंजीनियरिंग (Poojaa Precision Engg) | SME IPO | 6-7 अगस्त 2026 | NSE Emerge / BSE SME |
| 10 | फ्यूजन क्लासरूम एडुटेक (Fusion Klassroom Edutech) | SME IPO | 7 अगस्त 2026 | NSE Emerge / BSE SME |
| 11 | जीवी इलेक्ट्रिकल्स (G V Electricals) | SME IPO | 7 अगस्त 2026 | BSE SME / NSE Emerge |
मणिपाल हेल्थ: यह देश का एक बड़ा हेल्थकेयर आईपीओ है, जिसकी लिस्टिंग पर संस्थागत (QIB) और रिटेल दोनों तरह के निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं.
अलॉटमेंट स्टेटस चेक: जिन निवेशकों ने इन IPO में बोली लगाई है, वे संबंधित रजिस्ट्रार (जैसे KFin Technologies या Link Intime) या NSE/BSE की आधिकारिक वेबसाइट पर पैन नंबर के जरिए अपना शेयर आवंटन (Allotment Status) देख सकते हैं.
सिर्फ नए आईपीओ ही नहीं, बल्कि जिन निवेशकों ने पिछले दिनों अपना पैसा अलग-अलग कंपनियों में लगाया था, उनके लिए भी यह हफ्ता फैसलों वाला रहेगा. बाजार में 11 नई कंपनियां लिस्ट होने जा रही हैं. इनमें मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज की लिस्टिंग 5 अगस्त को एनएसई और बीएसई पर होने की संभावना है.
इसके बाद 6 अगस्त को जूनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के शेयर भी स्टॉक एक्सचेंज पर दस्तक देंगे. जब इतनी सारी कंपनियां एक साथ लिस्ट होती हैं, तो बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है, जिसका सीधा असर रिटेल निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ता है.
देव कहते हैं जब भी बाजार में एक साथ इतने सारे आईपीओ आते हैं तो सबसे बड़ी चुनोती यह तय करना होता है कि पैसा कहां लगाया जाए. हमेशा याद रखें कि हर आईपीओ मुनाफा नहीं देता. किसी भी कंपनी में दांव लगाने से पहले उसके फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स, कंपनी के ऊपर कर्ज और आने वाले समय में उसके बिजनेस मॉडल की स्थिति को ध्यान से जांच लेना चाहिए. बाजार की इस बहती गंगा में बिना रिसर्च के कूदना नुकसानदेह भी हो सकता है. साथ ही कुछ और प्वाइंट्स पर भी नजर रखनी चाहिए जैसे-
30-70 का नियम: देव का का मानना है कि नए निवेशकों को मेनबोर्ड आईपीओ (जैसे अर्डी इंडस्ट्रीज या टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स) में अधिक ध्यान देना चाहिए क्योंकि उनमें वित्तीय पारदर्शिता और लिक्विडिटी अधिक होती है. एसएमई आईपीओ में सिर्फ वही निवेशक हाथ आजमाएं जो उच्च जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं.
लिस्टिंग गेन बनाम लॉन्ग टर्म: केवल लिस्टिंग गेन (Listing Gains) के चक्कर में आवेदन करने से बचें. कंपनी के फंडामेंटल्स (जैसे P/E रेशियो, बुक वैल्यू) को देखना जरूरी है.
ग्रे मार्केट का रुझान: प्राथमिक बाजार में किसी भी आईपीओ की लिस्टिंग से पहले उसका जीएमपी (GMP) एक अहम संकेत देता है. अर्डी इंडस्ट्रीज और टेक्नोक्राफ्ट के जीएमपी पर संस्थागत निवेशकों (QIB) की गहरी नजर बनी हुई है.
बाजार में लिक्विडिटी: एक ही हफ्ते में ₹600+ करोड़ से अधिक का फ्रेश कैपिटल जुटाने की कोशिश यह दर्शाती है कि भारतीय शेयर बाजार में खुदरा (Retail) और एचएनआई (HNI) निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है.
सेबी के स्ट्रेस टेस्ट में फेल हुईं 44 डेट म्यूचुअल फंड स्कीमें, जानिए क्या डूब जाएगा आपका पैसा?
कंपनी का मुख्य कारोबार (Business Model): क्या कंपनी ऐसे सेक्टर में है जिसका भविष्य में विस्तार संभव है?
प्रमोटर होल्डिंग और ओएफएस (OFS): यदि आईपीओ में ओएफएस का हिस्सा बहुत ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकल रहे हैं. फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) का पैसा सीधे कंपनी के विस्तार में जाता है.
फाइनेंशियल हेल्थ: पिछले 3 वर्षों का शुद्ध लाभ (PAT) और राजस्व (Revenue) वृद्धि दर जरूर चेक करें.
डेट-टू-इक्विटी (Debt-to-Equity Ratio): आईपीओ से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल अगर कर्ज चुकाने (Debt Repayment) के लिए हो रहा है, तो यह कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत बनाता है.
फाइनेंशियल एनालिस्ट्स हेमंत मनानी का मानना है कि अगस्त का पहला हफ्ता प्राइमरी मार्केट के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है. मेनबोर्ड आईपीओ में संस्थागत बोली (QIB Subscription) के आंकड़े यह तय करेंगे कि बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी कितनी मजबूत रहेगी. एसएमई सेगमेंट में तरलता (Liquidity) कम होने के कारण केवल फंडामेंटली मजबूत कंपनियों में ही सीमित एक्सपोजर लें.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.