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A major gift from EPFO for women and the unemployed; ईपीएफओ (EPFO) के नियमों के तहत नौकरी छूटने या रिटायरमेंट के समय कुछ खास शर्तों पर 100% पीएफ फंड निकाला जा सकता है. आपातकालीन स्थिति और नए अपडेट्स के साथ जानिए कि इस साल किन कर्मचारियों को पूरा पैसा एक साथ निकालने का अधिकार मिलेगा.
Who is eligible to withdraw full PF balance in 2026छ क्या आपकी नौकरी छूट गई है या आप अपने भविष्य के लिए जमा पीएफ के पैसों को लेकर परेशान हैं? अमूमन लोगों को लगता है कि भविष्य निधि (PF) का पूरा पैसा सिर्फ रिटायरमेंट के बाद ही निकाला जा सकता है, लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है. साल 2026 में ईपीएफओ के नियमों के तहत कुछ खास श्रेणी के कर्मचारियों को अपने खाते से शत-प्रतिशत यानी पूरा 100 फीसदी फंड एक बार में ही निकालने की कानूनी अनुमति मिलती है. अगर आप भी नौकरीपेशा हैं, तो यह खबर सीधे आपकी जेब और वित्तीय सुरक्षा से जुड़ी है, जिसे जानना बेहद जरूरी है.
आज के इस दौर में प्राइवेट नौकरी में अनिश्चितता बहुत बढ़ गई है. अगर किसी वजह से आपकी नौकरी चली जाती है, तो ईपीएफ योजना के नियम आपको एक बड़ा संबल देते हैं. नियम के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी लगातार दो महीने (60 दिन) या उससे अधिक समय तक बेरोजगार रहता है, तो वह अपने पीएफ खाते में जमा पूरी रकम (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का हिस्सा) निकालने के लिए क्लेम कर सकता है. हालांकि, यहां एक व्यावहारिक पेंच यह है कि आपको ईपीएफओ पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम करते समय यह डिक्लेरेशन देना होता है कि आप वर्तमान में किसी भी संस्था में कार्यरत नहीं हैं.
पूरा पीएफ फंड निकालने का दूसरा और सबसे स्वाभाविक आधार रिटायरमेंट है. जब कोई कर्मचारी 58 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो वह पूरी तरह से रिटायर माना जाता है और अपने पीएफ का 100% हिस्सा निकाल सकता है. लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि अगर आप 57 वर्ष की उम्र में नौकरी छोड़ते हैं या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेते हैं, तब भी आप अपनी कुल जमा राशि का 90 प्रतिशत तक हिस्सा एडवांस के रूप में निकाल सकते हैं, जो आपकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है.
ईपीएफ योजना में महिला कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर एक बेहद संवेदनशील और व्यावहारिक नियम मौजूद है. अगर कोई महिला कर्मचारी अपनी शादी, प्रसव (प्रेग्नेंसी) या पारिवारिक कारणों से नौकरी से इस्तीफा दे देती है और भविष्य में काम न करने का फैसला करती है, तो उन्हें दो महीने के अनिवार्य इंतजार की जरूरत नहीं होती. वे तुरंत अपने पीएफ खाते के पूरे सेटलमेंट के लिए आवेदन कर सकती हैं. यह प्रावधान महिलाओं को मुश्किल वक्त में वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.
एक और महत्वपूर्ण स्थिति तब बनती है जब कोई भारतीय कर्मचारी हमेशा के लिए विदेश में जाकर बस जाता है या उसे किसी विदेशी कंपनी में स्थायी रोजगार मिल जाता है. ऐसे लोग भारत छोड़ने से पहले अपने पीएफ खाते को पूरी तरह बंद कराकर 100% निकासी कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, गंभीर बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में भी ईपीएफओ खाताधारकों को बड़ी राहत देता है, जहां इलाज के खर्च के लिए खाते से एक बड़ा हिस्सा बिना किसी पाबंदी के निकाला जा सकता है, ताकि आम आदमी को संकट के समय कर्ज के जाल में न फंसना पड़े.
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