बिजनेस
FICCI और नीति आयोग की ऑर्गेनिक फार्मिंग और वेस्ट-टू-वेल्थ (कचरे से कंचन) नीति के तहत ग्रामीण इलाकों में गोबर से जुड़े 3 बड़े बिजनेस आइडिया सामने आए हैं. इन स्टार्टअप्स को सरकार मुद्रा और PMEGP योजना के जरिए भारी सब्सिडी और बिना गारंटी के लोन देकर बढ़ावा दे रही है.
ग्रामीण भारत में जिसे लोग अक्सर केवल खाद या बेकार कचरा समझते हैं, वही गोबर आज के समय में सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बन चुका है. फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) और नीति आयोग की 'वेस्ट-टू-वेल्थ' (कचरे से कमाई) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय MSME सेक्टर में गोबर आधारित स्टार्टअप्स की डिमांड साल 2026 में आसमान छू रही है. पर्यावरण को बचाने और आर्गेनिक प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार इन बिजनेस को शुरू करने वालों को भारी छूट और लोन दे रही है. आइए जानते हैं कि आप गोबर का इस्तेमाल करके कौन से 3 सबसे मुनाफे वाले काम शुरू कर सकते हैं.
नीति आयोग ने अपनी हालिया रिन्यूएबल एनर्जी रिपोर्ट में ग्रामीण इलाकों में बायोगैस और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया है. इस समय देश में सीएनजी और एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं, ऐसे में गोबर से बनने वाली बायोगैस एक बेहतरीन और सस्ता विकल्प बनकर उभरी है.
इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको अपने आस-पास की डेरियों से या पशुपालकों से थोक में गोबर इकट्ठा करना होगा. इसके बाद एक छोटा बायोगैस डाइजेस्टर प्लांट लगाना होता है. इस प्लांट से निकलने वाली गैस को आप सीधे सिलेंडरों में भरकर लोकल होटलों, ढाबों या घरों में सप्लाई कर सकते हैं. इसके अलावा, गैस निकलने के बाद जो सूखा वेस्ट बचता है, वह बेहद उच्च क्वालिटी की जैविक खाद बन जाता है, जिसे किसानों को अच्छे दामों में बेचा जा सकता है. इस काम को छोटे स्तर पर शुरू करने में करीब 3 से 5 लाख रुपये का खर्च आता है, और आप हर महीने आसानी से 70 हजार से 1.2 लाख रुपये कमा सकते हैं.
फिक्की के नए बिजनेस सर्वे में एक बेहद अनोखा और सफल आइडिया सामने आया है, वह है गोबर से लकड़ी (काउ डंग लॉग्स) बनाना. भारत में हर साल अंतिम संस्कार और त्योहारों (जैसे होलिका दहन) के लिए लाखों पेड़ों को काटा जाता है. इसे रोकने के लिए शहरों में अब गोबर से बनी लकड़ियों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है. श्मशान घाटों और शादियों में हवन के लिए लोग पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाली इस लकड़ी को प्राथमिकता दे रहे हैं.
इस बिजनेस की शुरुआत करने के लिए आपको एक छोटी सी 'गोबर से लकड़ी बनाने वाली मशीन' (Cow Dung Log Making Machine) की जरूरत होती है, जो बाजार में मात्र 50,000 से 80,000 रुपये में मिल जाती है. गोबर में थोड़ा सा भूसा या कटी हुई घास मिलाकर इस मशीन में डाला जाता है, जिससे मजबूत लकड़ियां तैयार होती हैं. इन्हें धूप में सुखाकर आप सीधे नगर निगमों, श्मशान घाट प्रबंधकों और धार्मिक संस्थाओं को बेच सकते हैं. केवल 1 से 1.5 लाख रुपये के कुल निवेश में शुरू होने वाले इस काम से आप हर महीने 40 से 60 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.
भारतीय MSME सेक्टर के नए सर्वे के अनुसार, आज के समय में शहरों में रहने वाले लोग अपने घरों के गमलों और टैरेस गार्डन के लिए केमिकल वाली खाद छोड़कर केंचुआ खाद (Vermicompost) का इस्तेमाल कर रहे हैं. नीति आयोग भी आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करना चाहता है.
इस काम को शुरू करने के लिए आपको अपने खेत या खाली जमीन पर कुछ बेड (क्यारियां) बनानी होंगी. इनमें गोबर भरकर केंचुए छोड़े जाते हैं, जो कुछ ही हफ्तों में गोबर को चायपत्ती जैसी बेहतरीन और उपजाऊ खाद में बदल देते हैं. आप इस खाद को आकर्षक 5 या 10 किलो की पैकेट में पैक करके नर्सरी, ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइट्स (जैसे एमेज़न, फ्लिपकार्ट) या सीधे शहरों के बड़े बगीचों में सप्लाई कर सकते हैं. इसके साथ ही आप गोमूत्र को फिल्टर करके उसका अर्क (दवाई के रूप में) भी बेच सकते हैं. इस बिजनेस को मात्र 40 से 60 हजार रुपये की बेहद कम लागत में शुरू किया जा सकता है, और इसमें मुनाफा लागत से तीन गुना तक होता है.
इन सभी कामों को सरकार ने MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) की श्रेणी में रखा है, जिसके कारण इन पर लोन मिलना बेहद आसान है.
PMEGP योजना: अगर आप बायोगैस प्लांट या लकड़ी बनाने की बड़ी यूनिट लगाते हैं, तो आपको प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 25 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है, जिस पर ग्रामीण इलाकों में 35% तक की सब्सिडी (माफी) मिलती है.
मुद्रा योजना: छोटे स्तर पर वर्मीकंपोस्ट या लकड़ी की मशीन खरीदने के लिए आप 'किशोर' या 'तरुण' मुद्रा लोन के तहत 50 हजार से 10 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी गारंटी के ले सकते हैं.
अप्लाई करने की प्रक्रिया: इसके लिए सबसे पहले आपको सरकारी पोर्टल 'उद्यम रजिस्ट्रेशन' (Udyam Registration) पर जाकर मुफ्त में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद एक अच्छी बिजनेस रिपोर्ट (प्रोजेक्ट फाइल) बनाकर सरकार के 'जन समर्थ' (Jan Samarth) पोर्टल पर ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन करना होगा. आवेदन मंजूर होते ही बैंक सीधे आपके खाते में लोन की राशि ट्रांसफर कर देता है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.