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एशिया के इन 5 होलसेल गारमेंट मार्केट से 500 रुपये से शुरू करें D2C बिजनेस, फैक्ट्री रेट पर कपड़े लेकर जानिए कैसे कमाएं मुनाफा

D2C business model emerged best way to earn money: कपड़ों के बिजनेस में तगड़ा मुनाफा कमाने के लिए एशिया के 5 सबसे बड़े गार्मेंट्स होलसेल मार्केट ग्लोबल सप्लाई चेन की रीढ़ बने हुए हैं. डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) और सोशल मीडिया रीसेलर्स के लिए नए कमाई के रास्ते खोल रहे हैं.

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एशिया के इन 5 होलसेल गारमेंट मार्केट से 500 रुपये से शुरू करें D2C बिजनेस, फैक्ट्री रेट पर कपड़े लेकर जानिए कैसे कमाएं मुनाफा

जेब में रखें सिर्फ 500 रुपये और बन जाएं कपड़ों के बड़े कारोबारी (फोटो एआई)

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आज के समय में अगर आप कपड़े का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो सबसे बड़ी चुनौती यह नहीं है कि ग्राहक कहां मिलेंगे, बल्कि यह है कि ऐसा माल कहां से लाएं जो आज के सोशल मीडिया ट्रेंड से मेल खाए और जेब पर भी भारी न पड़े. गार्मेंट्स इंडस्ट्री का पूरा गणित अब बदल चुका है. इंस्टाग्राम स्टोर्स और छोटे ऑनलाइन ब्रैंड्स (D2C) के आने के बाद, अब आपको लाखों रुपये का स्टॉक डंप करने की जरूरत नहीं है.

एशिया के कुछ ऐसे बड़े होलसेल बाजार हैं, जहां से दुनिया भर के बुटीक और रीसेलर्स सीधे माल उठाते हैं. इन मार्केट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये सिर्फ बड़े व्यापारियों के लिए नहीं, बल्कि कम बजट से शुरुआत करने वाले नए आंत्रप्रेन्योर्स के लिए भी सबसे सुरक्षित ठिकाना बन गए हैं.

भारत के टॉप 9 कपड़ों के होलसेल मार्केट, अगर करना है बिजनेस तो यहां से उठाएं माल, कम पैसे में बना लेंगे बड़ा मुनाफा

दिल्ली का गांधी नगर बाजार: कम बजट वाले स्टार्टअप्स के लिए पहली पसंद

जब बात सबसे किफ़ायती और बड़े पैमाने पर रेडीमेड कपड़ों की आती है, तो देश की राजधानी में स्थित गांधी नगर मार्केट का नाम सबसे ऊपर आता है. इसे एशिया के सबसे बड़े कपड़ा बाजारों में गिना जाता है. आम तौर पर लोगों को लगता है कि यहां सिर्फ लोकल या कम क्वालिटी का सामान मिलता है, लेकिन असलियत यह है कि आज के समय में देश-विदेश के कई बड़े ब्रैंड्स अपनी बेसिक मैन्युफैक्चरिंग यहीं के लोकल यूनिट्स से करवाते हैं. अगर आप जींस, टी-शर्ट या बच्चों के कपड़ों का काम बेहद कम बजट से शुरू करना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है. यहां आपको हर रेंज और फैब्रिक के कपड़े मिल जाएंगे, जिससे आप अपने लोकल मार्केट के हिसाब से मार्जिन सेट कर सकते हैं.

सूरत का कपड़ा मार्केट: सिल्क और एथनिक वियर की ग्लोबल राजधानी

भारत का सूरत शहर सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में साड़ियों, लहंगों और एथनिक सूट की सप्लाई के लिए जाना जाता है. इस मार्केट का सीधा असर आपके बिजनेस पर यह पड़ता है कि यहां मिडलमैन यानी बिचौलियों का कोई रोल नहीं होता. आप सीधे कपड़ा मिलों और बड़े मैन्युफैक्चरर्स से डील कर सकते हैं. आजकल शादियों और त्योहारों के सीजन में कस्टमाइज्ड एथनिक वियर की मांग बहुत बढ़ गई है. सूरत के बाजार से जुड़कर आप सीधे लेटेस्ट डिजाइन का फैब्रिक या सेमी-स्टिच्ड कपड़े उठा सकते हैं, जिसकी मांग विदेशों में बैठे भारतीय कम्युनिटी के बीच भी बहुत ज्यादा है.

बैंकॉक का प्रैटूनम मार्केट: इंस्टाग्राम और रीसेलिंग बिजनेस का नया हब

थाईलैंड का प्रैटूनम मार्केट इस समय सोशल मीडिया पर कपड़े बेचने वाले युवाओं के लिए सबसे हॉट डेस्टिनेशन बना हुआ है. अगर आप अपने स्टोर या ऑनलाइन पेज पर ट्रेंडी वेस्टर्न वियर, कोरियन स्टाइल आउटफिट्स या स्ट्रीटवियर बेचना चाहते हैं, तो प्रैटूनम से बेहतर कोई जगह नहीं है. इस मार्केट की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) यह है कि यहां मिनिमम ऑर्डर क्वांटिटी (MOQ) बहुत कम होती है. यानी आप महज 5 से 10 पीस भी होलसेल रेट पर खरीद सकते हैं. यही वजह है कि छोटे इंस्टाग्राम पेज चलाने वाले रीसेलर्स यहां से वीडियो कॉल के जरिए या एजेंट्स की मदद से सीधे माल मंगवा रहे हैं.

चीन का गुआंगझू (बैमा और शाहे मार्केट): फास्ट फैशन की दुनिया का असली कंट्रोल रूम

दुनिया भर में जो भी नया फैशन आता है, उसकी शुरुआत कहीं न कहीं चीन के गुआंगझू मार्केट से ही होती है. यहां का बैमा और शाहे मार्केट कपड़ों की होलसेल ट्रेडिंग का ग्लोबल सेंटर है. अगर आप अपने खुद के ब्रैंड नाम से (Private Label) कपड़े बनवाना चाहते हैं या बड़े पैमाने पर प्रीमियम क्वालिटी का वेस्टर्न कलेक्शन लॉन्च करना चाहते हैं, तो दुनिया का हर बड़ा व्यापारी इसी मार्केट का रुख करता है. हालांकि, यहां से सीधे माल मंगाने के लिए आपको कस्टम और लॉजिस्टिक्स की समझ होनी जरूरी है, लेकिन एक बार सही सप्लायर मिल जाने पर आपके बिजनेस का मुनाफा चार गुना तक बढ़ सकता है.

सियोल का डोंगडेमुन मार्केट: प्रीमियम और हाई-एंड फैशन लवर्स का ठिकाना

साउथ कोरिया का डोंगडेमुन मार्केट उन लोगों के लिए है जो सस्ते और आम कपड़ों से हटकर कुछ प्रीमियम और यूनिक बेचना चाहते हैं. आजकल युवाओं के बीच कोरियन कल्चर और उनके ड्रेसिंग स्टाइल (K-Fashion) का जबरदस्त क्रेज है. डोंगडेमुन मार्केट अपनी बेहतरीन फिनिशिंग, यूनीक कट्स और हाई-क्वालिटी फैब्रिक के लिए जाना जाता है. अगर आपका टारगेट कस्टमर बेस ऐसा है जो कपड़ों की क्वालिटी के लिए अच्छी कीमत देने को तैयार रहता है, तो इस मार्केट के सप्लायर्स से जुड़ना आपके बिजनेस को एक प्रीमियम ब्रैंड की पहचान दे सकता है.

जानिए क्या कहती हैं D2D कारोबार को लेकर रिपोर्ट्स

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) और CII की रीटेल और ई-कॉमर्स की रिपोर्ट्स यह साबित करती हैं कि भारत में D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) और सोशल कॉमर्स (इंस्टाग्राम/फेसबुक से खरीदारी) का बाजार कितनी तेजी से बढ़ रहा है. वहीं, Statista (स्टैटिस्टा) और मकिन्से (McKinsey & Company) की फैशन रिपोर्ट और  ग्लोबल रिसर्च फर्म्स के अनुसार, फास्ट फैशन और 'K-Fashion' (कोरियन फैशन) का क्रेज दुनिया भर के युवाओं में सिर चढ़कर बोल रहा है और लोग ऑनलाइन शॉपिंग डी2डी के जरिये कारोबार खड़ा कर रहे हैं. साथ ही Meta (फेसबुक/इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी) की 'Social Commerce' रिपोर्ट के अनुसार छोटे शहरों के युवा इंस्टाग्राम रील्स और फेसबुक ग्रुप्स के ज़रिए हर महीने लाखों का टर्नओवर कर रहे हैं.

बिजनेस शुरू करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

इंटरनेशनल या बड़े नेशनल मार्केट से सीधे माल उठाने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप पहली बार में ही बहुत सारा पैसा फंसा दें. नए दौर के बिजनेस मॉडल के अनुसार, शुरुआत हमेशा सैंपल पीस मंगवाकर करनी चाहिए. जब आपको कपड़े की क्वालिटी, सप्लायर के रिस्पॉन्स और डिलीवरी टाइम का सही अंदाजा हो जाए, तभी बड़ा ऑर्डर प्लेस करें. इसके अलावा, विदेशी बाजारों से डील करते समय किसी भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स पार्टनर या लोकल एजेंट की मदद जरूर लें, ताकि कस्टम क्लीयरेंस जैसी दिक्कतों से बचा जा सके.

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