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मिडिल क्लास से अमीर बनने का क्या है फॉर्मूला? एक्सपर्ट ने बताए जरूरी टिप्स

तेज रफ्तार जिंदगी में जहां दिखावे और फौरन अमीर बनने की होड़ है, वहीं भारतीय मिडिल क्लास की पुरानी आर्थिक सीखें आज फिर चर्चा में हैं. चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए नितिन कौशिक ने बताया है कि कैसे अनुशासन, धैर्य और सादगी जैसी आदतें लंबे समय में असली संपत्ति बनती हैं.

राजा राम | Dec 16, 2025, 11:20 PM IST

1.आर्थिक परेशानियां खत्म नहीं हो रही हैं

आर्थिक परेशानियां खत्म नहीं हो रही हैं
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आज के दौर में पैसा बचाने से ज्यादा कमाने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद मिडिल क्लास की आर्थिक परेशानियां खत्म नहीं हो रही हैं. एक्सपर्ट मानते हैं कि इसकी बड़ी वजह बदलती आदतें और बढ़ता दिखावा है.

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2.सीए नितिन कौशिक ने क्या बताया

सीए नितिन कौशिक ने क्या बताया
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सीए नितिन कौशिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए भारतीय मिडिल क्लास की उन पुरानी सीखों को याद किया, जिन्हें अक्सर 'आउटडेटेड' मान लिया जाता है. उन्होंने कहा कि असली धन दिखाने के लिए नहीं, बल्कि संभालने के लिए होता है. 

3.अनुशासन ही संपत्ति की सबसे मजबूत नींव

अनुशासन ही संपत्ति की सबसे मजबूत नींव
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कौशिक के मुताबिक, अनुशासन ही संपत्ति की सबसे मजबूत नींव है. दिखावटी लाइफस्टाइल कुछ समय के लिए आकर्षक लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे बनाई गई दौलत ही लंबे समय तक टिकती है.

4.आर्थिक शांति

आर्थिक शांति
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उन्होंने बताया कि पहले की मिडिल क्लास पीढ़ी महंगी कार, घड़ी या ब्रांड्स के पीछे नहीं भागती थी. उनका लक्ष्य आर्थिक शांति था, न कि ईएमआई का बोझ. 
 

5.जल्दबाजी से बचना

जल्दबाजी से बचना
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एक अहम सिद्धांत यह भी था कि वही चीज खरीदी जाए, जिसका पूरा भुगतान तुरंत किया जा सके. अनावश्यक कर्ज, ज्यादा क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल और जल्दबाजी से बचना आर्थिक सुरक्षा का आधार था. 

6.निवेश सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं

निवेश सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं
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सोना और जमीन जैसे पारंपरिक निवेश सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक सुरक्षा के लिए भी अहम माने जाते थे. ये आत्मविश्वास का जरिया थे, लालच का नही. 
 

7.कभी आर्थिक रूप से असहाय न हो

कभी आर्थिक रूप से असहाय न हो
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सीए कौशिक का मानना है कि इन सीखों का उद्देश्य कभी रातोंरात अमीर बनाना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि इंसान जीवन में कभी आर्थिक रूप से असहाय न हो. 

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