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दो IITian दोस्तों की जुगलबंदी जिसने बदल दिया ई-कॉमर्स का खेल, जानें Meesho फाउंडर्स विदित आत्रेय और संजीव बरनवाल की सफलता गाथा

मीशो का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए तैयार है लेकिन क्या आप जानते हैं कि दो आईआईटीएन दोस्तों के दिमाग में आखिर इस स्टार्टअप का आइडिया कैसे आया? यहां जानें फाउंडर्स विदित आत्रे और संजीव बरनवाल की सफलता की कहानी...

जया पाण्डेय | Dec 03, 2025, 11:50 AM IST

1.मार्केट में आ गया मीशो का आईपीओ

मार्केट में आ गया मीशो का आईपीओ
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ई-कॉमर्स की तेजी से बदलती दुनिया में मीशो एक क्रांतिकारी ताकत के रूप में उभरा है. अब मीशो का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है जो इस कंपनी की सफलता की कहानी बयां करता है. इस प्लेटफॉर्म को आईआईटी दिल्ली के पूर्व स्टूडेंट्स विदित आत्रे और संजीव बरनवाल ने शुरू किया था. 

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2.कैसे शुरू हुआ मीशो?

कैसे शुरू हुआ मीशो?
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विदित आत्रे और संजीव बरनवाल ने साल 2015 में इस आइडिया के साथ मीशो की शुरुआत की थी कि कोई भी सामान्य व्यक्ति सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल करके अपना ऑनलाइन बिजनेस शुरू कर सके. ऐसे समय में जहां बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फल-फूल रहे थे, वहीं छोटे व्यवसायों को अपना प्रोडक्ट बेचने के लिए एक सुलभ प्लेटफॉर्म की जरूरत थी और इसी जरूरत को पूरा करने के लिए मीशो का जन्म हुआ

3.कैसे छोटे व्यवसायियों के लिए फायदेमंद है मीशो?

कैसे छोटे व्यवसायियों के लिए फायदेमंद है मीशो?
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मीशो एक ऐसा डिजिटल मार्केट है जो आपूर्तिकर्ताओं, निर्माताओं और उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल चैनलों के माध्यम से जोड़ता है. पारंपरिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के विपरीत मीशो ने बिक्री को आसान बनाने के लिए सोशल मीडिया की ताकत का फायदा उठाया. विक्रेता या रिसेलर प्रोडक्ट को चुनकर अपने निजी नेटवर्क के जरिए उसे बेच सकते हैं. 

4.मीशो के बिजनेस मॉडल को तेजी से मिली लोकप्रियता

मीशो के बिजनेस मॉडल को तेजी से मिली लोकप्रियता
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फैशन, लाइफस्टाइल, छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स और बिना ब्रांड वाले सामानों पर फोकस करके मीशो ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जहां छोटे निर्माता और डिस्ट्रिब्यूटर फल-फूल सकते हैं. मीशो के बिजनेस मॉडल ने भी तेजी से लोकप्रियता हासिल की और इसका तेजी से विकास अब किसी से छिपा नहीं है. ​​

5.संजीव बरनवाल की सफलता की कहानी

संजीव बरनवाल की सफलता की कहानी
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संजीव बरनवाल का उद्यमिता का सफर भी बेहद प्रेरणादायक है. आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जापान में सोनी की कोर टेक टीम के साथ काम किया. यहां उन्होंने तकनीक और इनोवेशन में अपने कौशल को निखारा. हालांकि अच्छी सैलरी के बावजूद खुद का बिजनेस शुरू करने का उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ.
 

6.2015 में विदेश की नौकरी छोड़ भारत लौट आए विदित और संजीव

2015 में विदेश की नौकरी छोड़ भारत लौट आए विदित और संजीव
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2015 में उन्होंने अपने दोस्त विदित आत्रे से अपना बिजनेस आइडिया शेयर करने के लिए संपर्क किया. विदित उस समय इनमोबी में काम कर रहे थे. जून 2015 तक दोनों अपनी नौकरी छोड़कर भारत लौट आए. शुरुआत में उन्होंने एक फैशन मार्केटप्लेस की कल्पना की थी लेकिन जल्द ही छोटे व्यवसायों की बेहतर सेवा के लिए उन्होंने सोशल कॉमर्स की ओर रुख कर लिया.

7.दो बेडरूम अपार्टमेंट से हुई थी मीशो की शुरुआत

दो बेडरूम अपार्टमेंट से हुई थी मीशो की शुरुआत
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मीशो ने बेंगलुरु के कोरमंगला में एक साधारण दो बेडरूम वाले अपार्टमेंट से शुरुआत की थी, जहां एक डाइनिंग टेबल उनके पहले वर्कस्टेशन का काम भी करती थी. आज संजीव बरनवाल की अनुमानित कुल संपत्ति 2.1 बिलियन डॉलर से अधिक है जो मीशो की अविश्वसनीय सफलता को दर्शाती है.

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