बिजनेस
Gaurav Barar | Apr 28, 2026, 10:48 AM IST
1.एलपीजी उपभोक्ताओं को लगने वाला है झटका!

मई 2026 का महीना रसोई बजट और एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव लेकर आ सकता है. वैश्विक राजनीति में जारी उथल-पुथल और ऊर्जा संकट के बीच, भारत में गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बुकिंग की प्रक्रिया तक में कई महत्वपूर्ण संशोधनों की चर्चा जोरों पर है.
2.वैश्विक संकट का प्रभाव

बीते फरवरी 2026 से मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट की कमर तोड़ दी है. सप्लाई बाधित होने के कारण कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की डिलीवरी में देरी हो रही है. इस वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों पर पड़ा है, जिससे आगामी मई महीने में कड़े फैसले लिए जा सकते हैं.
3.गैस सिलेंडर की कीमतों में संभावित उछाल

युद्ध के हालातों ने घरेलू गैस की कीमतों को काफी प्रभावित किया है. 1 मई, 2026 से देश भर में एलपीजी की नई दरें लागू हो सकती हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो हाल के महीनों में कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी हैं. हालिया तनाव के बाद घरेलू सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमत में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है.
4.पहले कितने बढ़े दाम?

अप्रैल 2026 में मेट्रो शहरों में कमर्शियल सिलेंडर (19 किलोग्राम) की कीमतों में 196 रुपये से लेकर 218 रुपये तक का भारी इजाफा किया गया. गौर करने वाली बात यह है कि मार्च 2026 में ही दो बार में करीब 140 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी थी.
5.बुकिंग नियमों में सख्ती

रिपोर्टों के अनुसार, तेल कंपनियां अब सिलेंडर की जमाखोरी और दुरुपयोग रोकने के लिए बुकिंग के समय में बदलाव कर सकती हैं. नए नियमों के तहत, सामान्य उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के कम से कम 25 दिन बाद ही दूसरी बुकिंग कर पाएंगे.
6.45 दिन का करना होगा इंतजार!

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह सीमा और भी सख्त हो सकती है, जहां उन्हें दो सिलेंडरों के बीच संभवतः 45 दिन का इंतजार करना होगा.
7.DAC कोड अनिवार्य

अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी महज पैसे देने तक सीमित नहीं रहेगी. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिलिवरी प्रमाणीकरण कोड (DAC) को अनिवार्य किया जा रहा है.
8.बिना कोड बताए नहीं मिलेगा सिलेंडर

जब आपका सिलेंडर डिलीवरी के लिए निकलेगा, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP/DAC आएगा. डिलीवरी बॉय को यह कोड बताए बिना आपकी डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी. यह कदम ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए उठाया गया है.
9.ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन

गैस एजेंसियों ने अब उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है. अगर आपका केवाईसी अपडेट नहीं है, तो आपकी सब्सिडी रोकी जा सकती है और भविष्य में बुकिंग में भी समस्या आ सकती है.
10.घर बैठे कर सकते हैं ई-केवाईसी

राहत की बात यह है कि उपभोक्ता अब इसे घर बैठे 'Hello BPCL' या 'IndianOil One' जैसे मोबाइल ऐप्स के माध्यम से पूरा कर सकते हैं. इसके अलावा, नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर फिंगरप्रिंट के जरिए भी बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है.