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क्या मिट्टी के तेल से उड़ता है हवाई जहाज? Jet Fuel का असली सच, जानें Petrol से सस्ता है या महंगा?

ईरान-अमेरिका युद्ध को एक महीना बीत चुका है. दुनिया तेल संकट से गुज़र रही है. भारत में LPG, प्रिमियम पेट्रोल और जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ी हैं. जेट फ्यूल की कीमत बढ़ने का सीधा असर हवाई जहाज की टिकट पर पड़ता है. चलिए जानते हैं Jet Fuel से जुड़े Facts.

Kusum Lata | Apr 02, 2026, 12:17 PM IST

1.क्या मिट्टी के तेल से उड़ता है जेट फ्यूल?

क्या मिट्टी के तेल से उड़ता है जेट फ्यूल?
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केरोसीन को भारतीय घरों में मिट्टी का तेल कहा जाता है. राशन के साथ आने वाले मिट्टी के तेल से जब सारी अशुद्धियां निकाल दी जाती हैं, तो जेट फ्यूल बनता है. इसी जेट फ्यूल का इस्तेमाल हवाई जहाजों में किया जाता है.
 

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2.Jet Fuel vs Kerosene: जेट फ्यूल और केरोसीन में क्या अंतर है

Jet Fuel vs Kerosene: जेट फ्यूल और केरोसीन में क्या अंतर है
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केरोसीन के मुकाबले, जेट फ्यूल एक सख्त क्वालिटी कंट्रोल से होकर गुज़रता है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. केरोसीन पानी जैसा या हल्के नीले रंग का होता है. वहीं, जेट फ्यूल या तो क्लियर होगा या सूखे घास की तरह हल्के पीले रंग का होगा. केरोसीन के मुकाबले जेट फ्यूल जल्दी जलता है. जेट फ्यूल को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए कुछ एडिटिव्स मिलाए जाते हैं ताकि कम तापमान पर वो जमे न. स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी बिल्ड अप न हो.  ठंडे तापमान पर जमता नहीं है. 

3.कितने तरह के जेट फ्यूल होते हैं?

कितने तरह के जेट फ्यूल होते हैं?
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विमानों में दो तरह के जेट फ्यूल का इस्तेमाल किया जाता है. केरोसीन जेट फ्यूल और नेप्था- टाइप जेट फ्यूल. केरोसीन जेट फ्यूल को जेट A और जेट A1 कहा जाता है. वहीं नेप्था टाइप जेट फ्यूल को जेट B. कमर्शियल हवाई जहाजों में प्रमुख रूप से Jet A और Jet A1 का इस्तेमाल होता है, वहीं Jet B का इस्तेमाल बेहद ठंडे इलाकों में किया जाता है. Jet B को केरोसीन और पेट्रोल के मिलाकर तैयार किया जाता है. वहीं, Jet A और Jet A1 केरोसीन के बेहद रिफाइंड वर्जन हैं. 

4.पेट्रोल-डीजल से क्यों नहीं उड़ सकते विमान?

पेट्रोल-डीजल से क्यों नहीं उड़ सकते विमान?
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हवाई जहाज में पेट्रोल डीज़ल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. पेट्रोल और डीजल का फ्रीज़िंग पॉइंट जेट फ्यूल के मुकाबले कम होता है. हाई ऑल्टिट्यूड वाले ठंडे इलाकों में पेट्रोल-डीज़ल जम सकते हैं, जिससे इंजन फेल हो सकता है. इसी तरह पेट्रोल बहुत जल्दी आग पकड़ता है, यह विमान के लिए खतरनाक हो सकता है. वहीं, डीज़ल के लिए भारी इंजन की ज़रूरत पड़ती है, भारी इंजन होने से विमान का वज़न बढ़ जाएगा, इससे एयरक्राफ्ट को उठाने में दिक्कत आ सकती है. इन वजहों से पेट्रोल-डीज़ल का इस्तेमाल हवाई जहाज में नहीं किया जाता है.

5.Jet Fuel की कीमत कितनी होती है?

Jet Fuel की कीमत कितनी होती है?
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दिल्ली में फिलहाल जेट फ्यूल की कीमत 1,04,000 रुपये प्रति किलोलीटर है. मुंबई में 98,247 रुपये प्रति किलोलीटर, कोलकाता में 1,09,450 रुपये प्रति किलोलीटर है. जेट फ्यूल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए उसे किलोलीटर में बेचा जाता है. दिल्ली की कीमत को अगर लीटर में निकालें तो कीमत करीब 104 रुपये लीटर पर आएगी. वहीं, पेट्रोल की बात करें तो 94.77 रुपये प्रति लीटर है. फिलहाल जेट फ्यूल पेट्रोल से महंगा है. यहां एक बात नोट करने वाली है कि क्रूड ऑयल की कीमत बढ़ने की वजह से जेट फ्यूल की कीमत बढ़ी है. जबकि, पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ाई गई है.

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