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Gaurav Barar | Jul 19, 2026, 09:50 AM IST
1.देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हुई शुरू

भारतीय रेलवे ने पर्यावरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन संचालित पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह ट्रेन न केवल भारतीय इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है, बल्कि भविष्य की ग्रीन टेक्नोलॉजी की ओर एक बड़ा इशारा भी है. (All Image Source- IANS)
2.कैसे चलती है हाइड्रोजन ट्रेन?

पूरी तरह से इको-फ्रेंडली यह ट्रेन पारंपरिक डीजल और इलेक्ट्रिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग है. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि हाइड्रोजन ट्रेन आखिर चलती कैसे है? विज्ञान के नजरिए से समझें तो इस ट्रेन में हाइड्रोजन गैस और हवा में मौजूद ऑक्सीजन के बीच एक रासायनिक तालमेल बिठाया जाता है.
3.जीरो इमिशन पर करती है काम

इस पूरी प्रक्रिया से जो बिजली पैदा होती है, उसी से ट्रेन को रफ्तार मिलती है. सबसे खास बात यह है कि इस तकनीक में धुएं या जहरीली गैसों की जगह सिर्फ पानी की भाप निकलती है यानी यह ट्रेन पर्यावरण को बिना किसी नुकसान के जीरो इमिशन पर काम करती है.
4.जींद से सोनीपत के बीच तय करेगी सफर

यह देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन फिलहाल हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर चलाई जा रही है. यह ट्रेन रोजाना दो राउंड ट्रिप लगाएगी, जिससे यह हर दिन करीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. अपने सफर के दौरान यह ट्रेन जींद सिटी, गोहाना, पांडु पिंडारा, बुटाना और मोहाना समेत कुल 11 स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को काफी सहूलियत होगी.
5.हाइड्रोजन ट्रेन की स्पीड कितनी है?

इस आधुनिक ट्रेन की कमर्शियल स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है, जबकि टेस्टिंग के दौरान इसने 120 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड को आसानी से छू लिया था. रफ्तार का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि जहां पहले पुरानी डीजल ट्रेनों को इस रूट की दूरी तय करने में लगभग 2 घंटे का समय लगता था, वहीं यह नई हाइड्रोजन ट्रेन इसे मात्र 1 घंटे में पूरा कर लेगी.
6.हाइड्रोजन ट्रेन में कितने डिब्बे हैं?

इस ट्रेन में कुल 10 डिब्बे लगाए गए हैं, जिसमें 8 सामान्य यात्रियों के लिए हैं और 2 ड्राइविंग पावर कार हैं. ट्रेन में एक बार में 682 यात्री बैठकर और लगभग 2,600 यात्री कुल मिलाकर सफर कर सकते हैं. सुरक्षा के मामले में रेलवे ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. हाइड्रोजन बेहद ज्वलनशील होती है, इसलिए ट्रेन में मल्टी-लेयर सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है. इसमें किसी भी तरह के गैस रिसाव को रोकने के लिए एडवांस लीक डिटेक्टर, फायर अलार्म और ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं.
7.हाइड्रोजन ट्रेन का किराया कितना है?

इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद किफायती किराया है. आम जनता की जेब का ख्याल रखते हुए इसका टिकट मात्र 5 रुपये से लेकर 25 रुपये के बीच रखा गया है, जो आज के समय में मेट्रो और प्लेटफॉर्म टिकट से भी सस्ता है.
8.देश को क्या होगा फायदा

इस तकनीक के आने से भारत की विदेशी तेल और डीजल पर निर्भरता कम होगी. साथ ही, देश के उन दुर्गम या पहाड़ी इलाकों में जहां बिजली के खंभे और तार लगाना मुमकिन नहीं है, वहां यह ट्रेनें वरदान साबित होंगी. रेलवे का अगला लक्ष्य हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज योजना के तहत देश में ऐसी 35 और ट्रेनें उतारने का है. (Image Source- IANS)