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Railway Rules: रात 10 बजे के बाद ट्रेन में नहीं कर सकते ये 4 काम, पकड़े गए तो सीधे होगी जेल!

भारतीय रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए सफर के नियमों को जानना बेहद जरूरी है. अक्सर जानकारी न होने के कारण यात्री कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे सह-यात्रियों को परेशानी होती है और मामला पुलिस तक पहुंच जाता है.

Gaurav Barar | Jun 06, 2026, 06:39 PM IST

1.रात से जुड़े भारतीय रेलवे के नियम

रात से जुड़े भारतीय रेलवे के नियम
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भारतीय रेलवे को हमारे देश की लाइफलाइन कहा जाता है. रोजाना करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रेलवे के कुछ ऐसे कड़े नियम हैं, जिन्हें अगर आपने रात के समय तोड़ा, तो आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है और कुछ मामलों में तो सीधे जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है? 
 

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2.रात 10 बजे के बाद न भूलें ये नियम

रात 10 बजे के बाद न भूलें ये नियम
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भारतीय रेलवे के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक की अवधि को स्लीपिंग ऑवर यानी सोने का समय माना गया है. इस दौरान ट्रेन के भीतर कुछ कामों पर पूरी तरह से पाबंदी होती है. जानिए उन 4 जरूरी नियमों के बारे में, जिनका ध्यान आपको रात 10 बजे के बाद हर हाल में रखना चाहिए.

3.तेज आवाज में गाने सुनना या वीडियो देखना

तेज आवाज में गाने सुनना या वीडियो देखना
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रात 10 बजे के बाद आप ट्रेन के कोच में मोबाइल या लैपटॉप पर तेज आवाज में गाने नहीं बजा सकते और न ही बिना ईयरफोन के कोई फिल्म या वीडियो देख सकते हैं. अगर आपको देर रात तक जागने की आदत है, तो आपको अनिवार्य रूप से ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करना होगा. इसके अलावा, रात में फोन पर जोर-जोर से बातें करने पर भी रोक है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि बाकी यात्रियों की नींद में कोई खलल न पड़े.

4.सह-यात्रियों की सीट पर बैठकर गप्पें मारना

सह-यात्रियों की सीट पर बैठकर गप्पें मारना
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अक्सर जब लोग ग्रुप या परिवार के साथ सफर करते हैं, तो रात में किसी एक की सीट पर इकट्ठा होकर ताश खेलने लगते हैं या गप्पें मारने लगते हैं. रेलवे नियमों के मुताबिक, रात 10 बजे के बाद आप किसी दूसरे की सीट पर जाकर शोर-शराबा या ग्रुप डिस्कशन नहीं कर सकते. सभी यात्रियों को अपनी-अपनी अलॉटेड सीट या बर्थ पर जाना होता है ताकि पूरा डिब्बा शांति से सो सके.
 

5.मिडिल बर्थ को लेकर आनाकानी करना

मिडिल बर्थ को लेकर आनाकानी करना
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ट्रेन के स्लीपर या एसी-3 टियर कोच में मिडिल बर्थ यानी बीच वाली सीट को लेकर अक्सर विवाद होता है. रेलवे के नियम के अनुसार, मिडिल बर्थ पर सोने वाला यात्री इसे रात 10 बजे से पहले जबरदस्ती खोलकर नहीं बैठ सकता. 

6.इस समय मिडिल बर्थ खोलने से नहीं कर सकते मना

इस समय मिडिल बर्थ खोलने से नहीं कर सकते मना
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इसी तरह, सुबह 6 बजे के बाद उसे यह बर्थ नीचे करनी होती है ताकि लोअर बर्थ वाले बैठ सकें. लेकिन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लोअर बर्थ वाला यात्री आपको मिडिल बर्थ खोलने से मना नहीं कर सकता. अगर कोई इस नियम को नहीं मानता, तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है.
 

7.कोच की लाइटें चालू रखना

कोच की लाइटें चालू रखना
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रात 10 बजते ही कोच की सभी मुख्य लाइटें बंद कर दी जाती हैं और सिर्फ नाइट लैंप ऑन रखे जाते हैं. आप बिना वजह कोच की लाइटें ऑन नहीं रख सकते.

8.टीटीई द्वारा चेकिंग को लेकर नियम

टीटीई द्वारा चेकिंग को लेकर नियम
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इसके साथ ही, रेलवे का यह भी नियम है कि टीटीई रात 10 बजे के बाद यात्रियों के टिकट की चेकिंग नहीं कर सकता, ताकि यात्रियों की नींद खराब न हो. हालांकि, यह नियम उन यात्रियों पर लागू नहीं होता जिनकी ट्रेन रात 10 बजे के बाद ही स्टेशन से छूटी है.

9.नियम तोड़े तो क्या होगी सजा?

नियम तोड़े तो क्या होगी सजा?
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अगर कोई यात्री इन नियमों का उल्लंघन करता है और बार-बार टोकने के बाद भी सह-यात्रियों को परेशान करता है, तो रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत उस पर कार्रवाई हो सकती है. ट्रेन में मौजूद आरपीएफ या टीटीई उस यात्री पर जुर्माना लगा सकते हैं, उसे अगले स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतार सकते हैं और उपद्रव करने या शांति भंग करने के आरोप में उसे जेल भी भेजा जा सकता है.
 

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