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Kusum Lata | May 11, 2026, 07:39 PM IST
1.What is Wait list in Indian Railway

भारतीय रेलवे में वेट लिस्ट क्या है?
जब आप ट्रेन की टिकट बुक करते हैं, तो वो तीन तरह से बुक होती है. CNF यानी आपको एक प्रॉपर बर्थ अलॉट होता है. RAC यानी आपको साइड लोअर बर्थ शेयरिंग पर मिलती है. माने दो लोग एक बर्थ पर सफर करते हैं, ट्रेन में चढ़ने के बाद अवेलेबिलिटी के हिसाब से टीटी बर्थ अलॉट करते हैं. और आखिरी है Wait List. आपकी टिकट वेटिंग होती है और जैसे-जैसे दूसरे यात्री टिकट टिकट कैंसिल करते हैं, वैसे-वैसे आपकी वेट लिस्ट घटती जाती है. नियमों के अनुसार, वेटिंग लिस्ट टिकट पर सफर नहीं किया जा सकता है.
2.GNWL, TQWL, PQWL: Types of Waitlist on Train

ट्रेन में कितने तरह की वेटिंग लिस्ट होती है?
ट्रेन में प्रमुख रूप से 5 तरह की वेटिंग लिस्ट होती है.
1. GNWL- जनरल वेट लिस्ट, सबसे कॉमन. जब ट्रेन के ओरिजिन वाले स्टेशन से टिकट बुक की जाती है और टिकट वेटिंग होती है तो GNWL टिकट मिलता है.
2. RLWL- रिमोट लोकेशन वेट लिस्ट. किसी ट्रेन के रूट पर पड़ने वाले कुछ स्टेशनों के लिए रेलवे टिकट का अलग कोटा होता है. ऐसे स्टेशन से वेटिंग टिकट बुक होने पर RLWL टिकट मिलता है.
3. PQWL- पूल्ड कोटा वेट लिस्ट. किसी ट्रेन के रूट पर पड़ने वाले कुछ स्टेशनों के लिए रेलवे अलग कोटा नहीं देता, कुछ स्टेशनों को मिलाकर एक पूल्ड कोटा बनता है. ऐसे स्टेशन से वेटिंग टिकट बुक होने पर PQWL टिकट मिलता है.
4. TQWL/CKWL- तत्काल कोटा वेट लिस्ट. जब आप तत्काल में टिकट बुक करते हैं, तब वेटिंग होने पर TQWL टिकट मिलता है.
5. RSWL- रोडसाइड वेट लिस्ट- अगर आप ट्रेन के ओरिजिन स्टेशन से टिकट बुक करते हैं और आसपास के किसी छोटे स्टेशन तक के लिए टिकट लेते हैं तो वेटिंग टिकट पर RSWL लिखा मिल सकता है.
3.GNWL or TQWL Which Waitlist is cleared first

कौन से वेटिंग लिस्ट की टिकट पहले कंफर्म होती है?
टिकट कंफर्मेशन के मामले में रेलवे की कोई प्रायोरिटी लिस्ट नहीं है. हालांकि, GNWL में टिकट सबसे ज्यादा तेज़ी से कंफर्म होती है. इसकी दो बड़ी वजहे हैं- जनरल कोटे में सीटें सबसे ज्यादा होती हैं और जनरल कोटे में कैंसिलेशन की संभावना भी सबसे ज्यादा होती है. जनरल के बाद कंफर्मेशन की सबसे ज्यादा संभावना RLWL और फिर PQWL में होती है. इन तीनों के बाद नंबर आता है TQWL का. तत्काल टिकट की बुकिंग सफर से एक दिन पहले ही की जा सकती है, ऐसे में तत्काल कोटे की टिकट के कैंसिलेशन की संभावना कम होती है, इस वजह से TQWL के कंफर्मेशन की संभावना कम होती है. यानी एक लाइन में कहें तो TQWL के मुकाबले, GNQL के कंफर्म होने की संभावना ज्यादा होती है.
4.How to Check Confirmation Probability?

टिकट कंफर्म होगी या नहीं, कैसे पता करें?
वेटिंग टिकट कंफर्म होगी या नहीं, ये पता करने के लिए आप Indian Railway के RailOne ऐप पर जाएं. कहां से कहां तक सफर करना है ये ऐड करें, सफर की तारीख डालें और सर्च करें. दोनों स्टेशनों के बीच आपकी तरफ से दी गई तारीख पर चलने वाली ट्रेनों की लिस्ट आ जाएगी. अब जिस ट्रेन में आपको सफर करना है, उसकी अवेलेबिलिटी देखें. अगर टिकट अवेलेबल है तो बुक कर सकते हैं. वेटिंग लिस्ट है तो CNF Probability पर क्लिक करें. उस पर क्लिक करते ही पता चल जाएगा कि टिकट के कंफर्म होने की संभावना कितनी है.
5.GNWL vs TQWL confirmation: Pro Tip

वेटिंग लिस्ट टिकट लेने से पहले क्या देखें?
अगर आप किसी ट्रेन में सफर करना चाहते हैं, लेकिन टिकट वेटिंग में है तो कंफर्मेशन प्रोबैबिलिटी चेक करें. अगर संभावना 80-85 प्रतिशत से ज्यादा है तो आप टिकट बुक कर सकते हैं. GNWL में 80-85 प्रतिशत एक अच्छी संभावना है. हालांकि, अगर आप तत्काल टिकट ले रहे हैं तो वेटिंग टिकट लेना रिस्की हो सकता है. क्योंकि तत्काल टिकट के कंफर्म होने की संभावना इसी बात पर निर्भर करती है कि तत्काल में बुक हुआ कोई टिकट कैंसिल हुआ है या नहीं. तत्काल में वेट लिस्ट टिकट लेने से पहले देख लें कि जनरल की CNF Probability कितनी है. अगर CNF Probability 80-85 प्रतिशत या उससे ज्यादा है तो जनरल वेटिंग टिकट लें, उसके कंफर्म होने की संभावना TQWL से ज्यादा होगी.
6.How to Check if Waiting Ticket is Confirmed

वेटिंग टिकट कंफर्म हुई या नहीं? कैसे देखें
वेटिंग टिकट कंफर्म होने पर रेलवे आपको मैसेज भेजकर इसकी सूचना दे देता है. हालांकि, अगर आपको ये चेक करना है कि आपका वेट लिस्ट आगे बढ़ रहा है या नहीं, तो उसके लिए आप PNR Status चेक करें. PNR स्टेटस देखने के लिए आप IRCTC, RailOne, Where is My train जैसे ऐप्स पर जा सकते हैं.