बिजनेस
राजा राम | Aug 08, 2025, 09:14 PM IST
1.आपका पैसा कई गुना बढ़ सकता है

हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा जल्दी और ज्यादा बढ़े. लेकिन हकीकत यह है कि ऊंचे रिटर्न से ज्यादा असर निवेश की अवधि डालती है. लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से कंपाउंडिंग के जरिए आपका पैसा कई गुना बढ़ सकता है, चाहे सालाना रिटर्न औसत ही क्यों न हो.
2.सिर्फ 2 साल में पैसा दोगुना करने के लिए करीब 41% सालाना रिटर्न

अगर आप सोच रहे हैं कि आपका 1 लाख रुपये जल्द से जल्द दोगुना हो जाए, तो आपको बहुत ऊंचा सालाना रिटर्न चाहिए होगा. उदाहरण के तौर पर, सिर्फ 2 साल में पैसा दोगुना करने के लिए करीब 41% सालाना रिटर्न की जरूरत पड़ेगी, जो ज्यादातर मामलों में संभव नहीं है.
3.निवेश का असली मंत्र है, धैर्य

निवेश का असली मंत्र है, धैर्य. अगर आप अपने पैसे को 10 साल तक निवेशित रखते हैं, तो दोगुना करने के लिए सिर्फ 7.2% सालाना रिटर्न काफी है. वहीं, 20 साल में यह दर घटकर केवल 3.5% रह जाती है.
4.कंपाउंडिंग का जादू

यही है कंपाउंडिंग का जादू, जिसमें पैसा पैसे से बढ़ता है. जितना ज्यादा समय आप देंगे, उतना ही कम रिटर्न भी आपको बड़ा फंड बना सकता है.
5.बिना जोखिम के लगभग नामुमकिन

मान लीजिए आपका लक्ष्य 5 गुना पैसा करने का है. अगर आप यह सिर्फ 3 साल में करना चाहेंगे, तो 71% सालाना रिटर्न चाहिए होगा, जो बिना जोखिम के लगभग नामुमकिन है. लेकिन 10 साल का समय देने पर 17.5% रिटर्न से ही यह लक्ष्य पूरा हो सकता है.
6.ऊंचे रिटर्न की जरूरत को कम कर देता है

अगर 20 साल तक निवेश बनाए रखें, तो सिर्फ 8.5% सालाना रिटर्न से भी आपका पैसा 5 गुना हो जाएगा. इससे साफ है कि लंबा निवेश काल ऊंचे रिटर्न की जरूरत को कम कर देता है.
7.खासकर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स या शेयर बाजार में

कई लोग 1 लाख को 10 लाख बनाने का सपना देखते हैं. यह भी मुमकिन है, बशर्ते आप जल्दबाजी न करें. 20 साल में 12.2% सालाना रिटर्न से यह लक्ष्य पूरा हो सकता है, खासकर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स या शेयर बाजार में निवेश से.
8. निवेश में अनुशासन बना रहे

अगर आपका नजरिया और भी लंबा है, तो 1 लाख को 20 लाख बनाने के लिए 20 साल में करीब 16.2% सालाना रिटर्न चाहिए होगा. यह मुश्किल जरूर है, लेकिन असंभव नहीं, बशर्ते निवेश में अनुशासन बना रहे. नतीजा साफ है, निवेश में सफलता पाने के लिए मार्केट को हराने की कोशिश से ज्यादा जरूरी है समय पर शुरुआत करना और लंबी अवधि तक निवेश को बनाए रखना. औसत 10% रिटर्न से भी लंबे समय में बड़ा फंड तैयार हो सकता है.