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रईश खान | Mar 14, 2026, 07:00 PM IST
1.US-ईरान वॉर की वजह से संकट

मिडिल ईस्ट के वॉर का सबसे ज्यादा असर तेल और गैस पर पड़ रहा है. ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने के बाद दुनियाभर की तेल सप्लाई रुक गई है. इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. भारत का लगभग 60% तेल और गैस इसी रूट से आ रहा था. इस बीच सोशल मीडिया पर तेल की कमी को लेकर अफवाहें उड़ रही हैं. जिसकी वजह से लोग भारी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं. कुछ लोग अपनी गाड़ियों के साथ-साथ डिब्बे और ड्रम में भी पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं. (Image Source: Social Media)
2.Laws Regarding Keeping oil in House?

विशेषज्ञों के अनुसार, देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिलहाल सामान्य है, लेकिन इन घटनाओं और वायरल वीडियो के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या वास्तव में पेट्रोल और डीजल की कमी होने वाली है? अगर ऐसा है तो एक आम आदमी कितना पेट्रोल या डीजल खरीदकर घर में रख सकता है? इसको लेकर हमारा कानून क्या कहता है? आइये इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं. (Image Source: Social Media)
3.Limit of keeping 30-L of petrol-diesel at home

नियमों के अनुसार, एक आम व्यक्ति आमतौर पर अपने वाहन की टंकी की क्षमता के अनुसार पेट्रोल खरीद सकता है. हालांकि, कंटेनरों में तेल के भंडारण या परिवहन पर सख्त कानूनी प्रतिबंध लागू होते हैं. पेट्रोलियम नियम 2002 के अनुसार, व्यक्ति बिना लाइसेंस के घर में सीमित मात्रा में ही पेट्रोल या डीजल रख सकता है. नियमों के अनुसार, एक आम व्यक्ति घर में अधिकतम 30 लीटर पेट्रोल या डीजल रख सकता है.
4.इन शर्तों का पालन करना जरूरी

30 लीटर तेल रखने के लिए भी कुछ शर्तें हैं- पेट्रोल-डीजल सुरक्षित और मजबूत कंटेनरों में रखा होना चाहिए. ये कंटेनर धातु या विशेष प्लास्टिक के बने होने चाहिए और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए सीलबंद भी होने चाहिए. ईंधन भरते समय कंटेनर में हवा के संचार के लिए कुछ जगह छोड़ना भी महत्वपूर्ण होता है, ताकि उसमें दबाव न बने. (AI generated image)
5.क्या 30 लीटर से ज्यादा रख सकते हैं?

यदि कोई व्यक्ति घर में 30 लीटर से अधिक पेट्रोल या डीजल रखना चाहता है, तो उसे स्थानीय पेट्रोलियम प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी. इसके लिए लाइसेंस आवश्यक है और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए आवेदन करना होगा. यदि कोई व्यक्ति बिना लाइसेंस के निर्धारित सीमा से अधिक पेट्रोल या डीजल का भंडारण करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. (AI generated image)
6.7 साल तक सजा प्रावाधान

पेट्रोलियम अधिनियम 1934 और पेट्रोलियम नियम 2002 के तहत, पहली बार उल्लंघन करने पर 1 महीने तक की कैद, 1,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. बार-बार उल्लंघन करने पर 3 महीने की सजा और 5,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है. इसके बाद भी व्यक्ति पेट्रोल या डीजल की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 7 साल तक की कारावास की सजा हो सकती है.