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Gaurav Barar | Apr 30, 2026, 01:55 PM IST
1.घरों की कीमतें गिरकर 2005 के लेवल पर!

चीन के प्रॉपर्टी बाजार से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं. खबर ये है कि वहां घरों की कीमतें गिरकर 2005 के लेवल पर पहुंच गई हैं. सोचिए, 20 साल की पूरी बढ़त मिट्टी में मिल गई. अब हर भारतीय के मन में यही सवाल है कि क्या भारत में भी ऐसा कुछ होने वाला है, क्या यहां भी घरों के दाम गिरेंगे?
2.चीन में आखिर हुआ क्या?

चीन की कहानी अति की कहानी है. वहां की सरकार और बिल्डर्स ने पिछले कुछ दशकों में पागलों की तरह कंस्ट्रक्शन किया. उन्होंने हजारों ऐसी इमारतें खड़ी कर दीं जिनमें रहने वाला कोई नहीं था. इन्हें 'घोस्ट टाउन्स' कहा जाने लगा.
3.अधूरे प्रोजेक्ट्स, बिल्डर्स के पास पैसा नहीं

जब सप्लाई जरूरत से बहुत ज्यादा हो गई और लोगों ने निवेश करना बंद कर दिया, तो गुब्बारा फूट गया. आज वहां हालत ये है कि बिल्डर्स के पास पैसा नहीं है, अधूरे प्रोजेक्ट्स पड़े हैं और लोग किश्तें भरने को तैयार नहीं हैं. नतीजा ये हुआ कि कीमतें धड़ाम से गिर गईं.
4.क्या भारत भी उसी रास्ते पर है?

भारत में भी पिछले कुछ सालों में प्रॉपर्टी के दाम आसमान छू रहे हैं. गुड़गांव, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में तो रेट सुनकर ही चक्कर आ जाते हैं. तो क्या हम भी किसी बबल में जी रहे हैं? एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत और चीन के हालात में जमीन-आसमान का अंतर है. इसके कुछ बड़े कारण हैं.
5.मांग और सप्लाई का तालमेल

चीन ने जरूरत से ज्यादा घर बना दिए थे, लेकिन भारत में आज भी मिडिल क्लास के लिए घरों की कमी है. यहां लोग निवेश से ज्यादा रहने के लिए घर खरीद रहे हैं. जब तक खरीदने वाले लोग मौजूद हैं, कीमतें इतनी बुरी तरह नहीं गिर सकतीं.
6.यहां कड़े हैं नियम

भारत में रेरा (RERA) आने के बाद बिल्डर्स पर नकेल कसी गई है. अब कोई भी बिल्डर ग्राहकों का पैसा लेकर भाग नहीं सकता या उसे दूसरे काम में नहीं लगा सकता. इससे मार्केट में अनुशासन आया है, जो चीन में नहीं था.
7.शहरीकरण की रफ्तार

भारत में अभी भी करोड़ों लोग गांवों से शहरों की तरफ आ रहे हैं. उन्हें रहने के लिए छत चाहिए. आने वाले 10-15 सालों में भारत के शहरों में घरों की मांग कम होने के बजाय बढ़ने ही वाली है.
8.क्या कभी दाम कम नहीं होंगे?

ऐसा नहीं है कि कीमतें कभी कम नहीं होंगी. रियल एस्टेट में करेक्शन आता रहता है. अगर किसी इलाके में रेट अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं, तो वहां कीमतें थोड़ी स्थिर हो सकती हैं या 5-10% गिर सकती हैं. लेकिन चीन जैसा क्रैश होने की संभावना भारत में फिलहाल न के बराबर है.
9.बैंकिंग सिस्टम भी काफी सतर्क

भारत का बैंकिंग सिस्टम भी काफी सतर्क है. यहां बैंक होम लोन देने से पहले सौ बार जांच-पड़ताल करते हैं, जिससे सब-प्राइम जैसे संकट का खतरा कम रहता है.
10.चीन का संकट हमारे लिए एक चेतावनी

चीन का संकट हमारे लिए एक चेतावनी जरूर है. ये बताता है कि बिना सोचे-समझे किया गया अंधाधुंध कंस्ट्रक्शन खतरनाक हो सकता है. भारत के लिए अच्छी बात ये है कि हमारा मार्केट इमोशन और जरूरत पर चलता है, न कि सिर्फ सट्टेबाजी पर. भारत में प्रॉपर्टी बाजार फिलहाल सुरक्षित और मजबूत दिख रहा है.