बिजनेस
राजा राम | Dec 03, 2025, 07:44 PM IST
1.पेंशनर्स की नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं

देशभर के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें लंबे समय से 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं. वेतन ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ते ही इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आने लगी थीं. खासकर पेंशनर्स के बीच DR को लेकर असमंजस बढ़ रहा था.
2.सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी गई थी

शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में इस विषय से जुड़े कई प्रश्न पूछे गए. 8वें वेतन आयोग की स्थिति, उसकी सिफारिशों के समय और संभावित बदलावों पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी गई थी.
3.पेंशनर्स संगठनों ने इस पर अपनी चिंता दर्ज कराई थी

इन्हीं सवालों के बीच वह मुद्दा भी उठाया गया जिसने सबसे ज्यादा हलचल मचाई थी. क्या DR को बेसिक पेंशन में शामिल किया जाएगा? बीते कुछ महीनों में कई पेंशनर्स संगठनों ने इस पर अपनी चिंता दर्ज कराई थी.
4.DR पहले की तरह अलग से मिलता रहेगा

सरकार की ओर से जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने साफ कहा कि DR को बेसिक में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. यानी मौजूदा व्यवस्था जस की तस जारी रहेगी और DR पहले की तरह अलग से मिलता रहेगा.
5.अटकलों पर विराम

कर्मचारियों के मामले में भी यही स्थिति रहेगी. मंत्री ने स्पष्ट किया कि DA को बेसिक वेतन में जोड़ने की कोई योजना सरकार के पास नहीं है. यह बयान उन अटकलों को भी खत्म करता है, जिनमें कहा जा रहा था कि 8वें वेतन आयोग के साथ DA/DR में बड़े बदलाव हो सकते हैं.
6.आयोग का गठन भी पूरा हो चुका है

सदन में यह भी बताया गया कि खुदरा महंगाई में भारी बढ़ोतरी के बावजूद DA/DR की बढ़ोतरी उतनी तेज नहीं रही, लेकिन फिलहाल मर्जर पर विचार नहीं किया जा रहा है. केंद्रीय सरकार ने इस साल की शुरुआत में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी और हाल ही में आयोग का गठन भी पूरा हो चुका है.