बिजनेस
मोहम्मद साबिर | Jun 05, 2026, 08:41 PM IST
1.10,000 उधार लेकर शुरू किया था अपना बिजनेस

कोलकाता के रहने वाले रवि मोदी का बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थे. रवि को गणित काफी अच्छी आती थी. रवि का परिवार कोलकाता में एक छोटी रिटेल की दुकान चलाता था. उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पिता की दुकान में काम किया है. उन्होंने इस दौरान मार्केट और ग्राहक की जरूरतों को अच्छी तरह समझा. तब उन्हें एहसास हुआ कि मार्केट में एथनिक कपड़ोंकी बाजार का सुनहरा मौका है. इसी वजब से उन्होंने अपनी मां से 10,000 रुपये उधार लेकर बिजनेस शुरू किया.
2.रवि ने कब रखी कंपनी की नींव?

रवि मोदी ने अपनी मां से 10000 रुपये उधार लिया था और अपना कारोबार शुरू किया. उन्होंने छोटी स्तर पर काम स्टार्ट कर दिया और कपड़ा बेचने लगे. उन्होंने अपने कपड़े अलग-अलग राज्य में भी बेचा. लेकिन फिर उन्हें एहसास हुआ कि कपड़ा अच्छा होने के साथ-साथ अच्छी जगह पहुंचाना भी होगा. उसके बाद उन्होंने बड़े फॉर्मेट पर कपड़ा बेचना शुरू किया. साल 1999 में उन्होंने Manyavar से कंपनी की नींव रखी. हालांकि, 2005-06 तक ये ब्रांड देश के बड़ा ब्रांड बन गया.
3.फिर खोला अपना पहला एक्सक्लूसिव स्टोर

रवि मोदी ने करीब 6-7 साल कड़ी मेहनत की और करीब 2008 में ओडिशा के भुवनेश्वर में Manyavar का पहला एक्सक्लूसिव स्टोर स्टार्ट किया. रवि का ये आइडिया उनकी कंपनी के लिए नाय मोड़ बन गया. उसके बाद पूरे देश में अलग-अलग जगहों पर इसके स्टोर खुलने लगे. इस स्टोर्स में शादी और त्योहारों के लिए खास भारतीय कपड़े मिलते हैं.
4.200 से ज्यादा शहरों में है स्टोर्स

रवि मोदी ने मान्यवर को Vedant Fashions Limited में तब्दील कर लिया है. आज मान्यवर के देशभर में 670 से ज्यादा स्टोर्स हैं, जो 245 से ज्यादा शहरों में फैले हुए हैं. इतना ही नहीं, मान्यवर आज 14 इंटरनेशनल लोकेशन तक फैल गया है.रिपोर्ट्स के अनुसार, 2023 में रवि ने अपनी कंपनी की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है. फिर उन्होंने Twamev और Manthan नाम से दो ब्रांड और लॉन्च किए हैं.
5.आज बनाया करोड़ों का साम्राज्य

रवि मोदी ने शून्य से शुरू किया था और आज करोड़ों का साम्राज्य बना दिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, रवि मोदी का मान्यवर की वैल्यूएशन 32000 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है.