बिजनेस
मोहम्मद साबिर | Apr 16, 2026, 11:49 PM IST
1.14 साल की उम्र में देखा बिजनेस का सपना

कर्नाटक के पुत्तूर तालुका के रहने वाले रघुनंदन कामथ का बचपन गरीबी में गुजरा है. उनका पढ़ाई लिखाई में मन भी नहीं लगता था. उनके पिता ठेले पर फेल बचते थे, जिसके बाद सिर्फ 100 रुपये महीना ही कमा पाते थे. कामथ ने सिर्फ 5वीं क्लास तक पढ़ाई की हुई है.
2.भाई के रेस्टोरेंट में किया काम

कामथ अपने फैमिली के साथ मुंबई शिफ्ट हो गए. स्कूल में फेल होने के बाद कामथ अपने बड़े भाई के रेस्टोरेंट में काम करने लगा, जहां आइसक्रीम बेची जाती थीं. हालांकि 14 साल की उम्र में उन्होंने अपने बड़े भाई से कहा था कि वो चॉकलेट और वनीला से आगे बढ़कर असली फलों की आइक्रीम बनाए. लेकिन उनके भाई ने मना कर दिया.
3.भाईयों के बीच हुआ बंटवारा

कामथ और उनके भाई के बीच बंटवारा हो गया था, जिसके बाद उनके हिस्से में 3.50 लाख रुपये आए थे. उसके बाद कामथ की किस्मत पूरी तरह बदल गई. फिर उन्होंने अपना बिजनेस शुरू करने की सोची और फिर 1984 में अपना कारोबार शुरू किया.
4.1984 में शुरू किया अपना ब्रांड

कामथ ने साल 1984 में नेचुरल्स नाम से ब्रांड शुरू किया. पहले दिन 6 कर्मचारियों के साथ उन्होंने दुकान में 1000 कप आइसक्रीम बेची. उन्होंने कैमिकल फ्री आइसक्रीम बेचना शुरू किया. नेचुरल्स की आइसक्रीम फल, दूध और चीनी से बनी रहती है. अब उनकी कंपनी में 20 टन से ज्यादा आइसक्रीम रोज बनती है और नेचुरल्स में आज 20 से ज्यादा फ्लेवर भी मौजूद हैं.
5.आज बनाया करोड़ों का साम्राज्य

साल 2024 में कामथ का निधन हो गया था. लेकिन उन्होंने दुनिया से जाने से पहले अपना सपना पूरा कर दिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, नेचुरल्स का सालाना टर्नओवर 380 करोड़ रुपये है.