बिजनेस
मोहम्मद साबिर | Apr 12, 2026, 10:59 PM IST
1.बिजनेस के लिए बेच किए थे परिवार के गहने

मैसूर के रहने वाले एन रंगा राव का बचपन बहुत ही साधारण परिवार में हुआ था. उनके कंधों पर बचपन में ही जिम्मेदारी आ गई थी. उनके दादी अगरबत्तियां बनाती थीं और वो साइकल से मैसूर की बजारों में बेचते थे. लेकिन फिर उन्होंने गरीबी से तंग आकर बिजनेस का प्लान बनाया और आज करोड़ों का साम्राज्य भी बना दिया है. हालांकि उन्होंने बिजनेस के लिए परिवार के गहने भी बेच दिए थे.
(Image Credit-AI)
2.4000 रुपये में शुरू किया बिजनेस

एन रंगी राव ने साल 1948 में परिवार के गहने बेचकर 4000 रुपये में साइकिल प्योर अगरबत्ती की शुरुआत की. हालांकि राव को तब परफ्यूम और इस बिजनेस के बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता था. लेकिन उन्हेंने ठान लिया था कि वो गरीबी से ऊपर उठेंगे और दुनिया को कुछ करके दिखाएंगे.
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3.फिर खुद बनाना स्टार्ट किया परफ्यूम

रंगा राव को परफ्यूम की ज्यादा जानकार नहीं थी. लेकिन फिर उन्होंने फ्रांस और जर्मनी से परफ्यूम बनाने वाली किताबें मंगवाई, जिसके लिए उन्होंने 600 रुपये भी खर्च किए थे. हालांकि उन किताबों को पढ़कर रंगा राव ने परफ्यूम बनाना शुरू किया था.
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4.75 देशों में फैला है रंगा राव का बिजनेस

रंगा राव ने किताबों के जरिए नई-नई सुगंध बनाई और वो लोगों को ज्यादा पसंद आईं. उन्होंने 10 साल में लाखों का बिजनेस भी कर लिया था. फिर उन्होंने अपनी कंपनी के डिजाइन को कॉपीराइट करवा लिया, ताकि कोई आइडिया चुरा न ले. उन्होंने फिर साइकिल रत्ना और सुगंधा मल्लिका नाम से दो नए प्रोडक्ट लॉन्च किए. फिर 2010 और 2020 के बीच उन्होंने कार्बन न्यूट्रल अगरबत्ती बनाना शुरू की. हालांकि आज उनका बिजनेस 75 देशों में फैला हुआ है.
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5.आज बना दी करोड़ों की कंपनी

परिवार के गहने बेचतर रंगा राव ने अपनी लाइफ का सबसे बड़ा रिस्क लिया था. लेकिन उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने कामयाबी उनके पैरों के तले डाल दी. साइकिल प्योर अगरबत्ती आज एक जाना-माना ब्रांड बन गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 1700 करोड़ रुपये पहुच गया है. उन्होंने सिर्फ 4000 रुपये में बिजनेस की शुरुआत की और फिर उन्हें सिर्फ 10 साल में कामयाबी मिलने लगी थी.
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