बिजनेस
मोहम्मद साबिर | May 18, 2026, 11:14 PM IST
1.48 साल की उम्र में छोड़ी नौकरी

चेन्नई के रहने वाले लोकेश्वरन कन्नन ने पढ़ाई-लिखाई पूरे करने के बाद नौकरी करने लगे थे. उन्होंने अपनी आधी जिंदगी नौकरी में लगा दी. लेकिन 48 साल की उम्र में उन्होंने अपना बिजनेस स्टार्ट करने की सोची, जिसके लिए उन्होंने जमी-जमाई नौकरी को छोड़ दी है.
2.1 लाख रुपये से शुरू किया बिजनेस

48 साल की उम्र में लोकेश्वरन कन्नन ने नौकरी छोड़कर सिर्फ 1 लाख रुपये से साल 2019 में ईऑर्बिटर (eOrbitor) की नींव रखी थी. ये कंपनी डेटा सेंटर मेंटेनेंस, साइबर सुरक्षा और क्लाउड जैसी सेवाएं देती है. इस कंपनी ने अब तक गुजरात मेट्रो, अशोक लेलैंड और जोहो जैसी बड़ी कंपनियों को सेवा दी है.
3.कोविड-19 को भी दी मात

लोकेश्वरन कन्नन ने 2019 में कंपनी स्टार्ट की थी और सिर्फ 40 दिन बाद ही कोरोना की वजह से लॉकडाउन लग गया था. कोविड-19 महामारी के कारण कई आईटी कंपनियां बंद हो रही थी. लिन कन्नन ने महामारी को अवसर में बदल दिया. उन्होंने डेटा सेंटर मेंटेनेंस जैसी बड़ी सेवा पर फोकस किया. लॉकडाउन में इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी.
4.11 शहरों में फैला बिजनेस

लोकेश्वरन कन्नन की कंपनी eOrbitor ने धीरे-धीरे पूरी मार्केट में पकड़ बना ली है. भारत के 11 शहरों में फैल चुकी है. इतना ही नहीं, 2025 में कंपनी यूएई के शारजाह, दुबई, अबू धाबी में तक पहुंच गई है.
5.आज बना दी करोड़ों की कंपनी

लोकेश्वरन कन्नन की कंपनी eOrbitor ने चंद सालों में करोड़ों का साम्राज्य बना दिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, eOrbitor का सालाना टर्नओवर 15 करोड़ रुपये पहुंच गया है.