बिजनेस
मोहम्मद साबिर | Apr 30, 2026, 07:25 PM IST
1.IIT-JEE क्रैक करने का था सपना

बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले चंद्रमणि कुमार का बचपन से सपना था कि वो IIT-JEE क्रैक करें. लेकिन उन्हें एडमिशन नहीं मिलसका और उनका सपना चकना-चूर हो गया. सपना न पूरा होने के बाद उन्होंने बिजनेस शुरू करने की सोची.
2.बैंक से लोन लेकर शुरू किया बिजनेस

चंद्रमणि कुमार ने प्रियांशु जैन के साथ मिलकर बैंक से 50000 रुपये का लोन लिया और अपना स्टार्टअप शुरू किया. उन्होंने कृषि सेक्टर अपना टारगेट बनाया. हालांकि कुछ समय बाद प्रियांश उन्हें छोड़कर ऑस्ट्रेलिया चले गए थे.
3.कब शुरू किया स्टार्टअप?

चंद्रमणि कुमार ने बैंक से लोन लेकर साल 2020 में AgriJoy नाम से स्टार्टअप शुरू किया था. इस कंपनी का हेडऑफिस देहरादून में हैं. इसमें खेली से जुड़ी सेवाएं दी जाती हैं. इतना ही नहीं, इसमें पॉलीहाउस और हाइड्रोपोनिक फॉर्म बनाना भी सिखाया जाता है.
4.किसानों को होता है बंपर फायदा

चंद्रमणि कुमार की कंपनी एग्रीजॉय से किसानों को काफी अच्छा फायदा होता है. क्योंकि ये स्टार्टअप किसानों को खेली के लिए तकनीकी सहायता प्राप्त करवाती है. इसमें साइट एनालिसिस, ऑटोमेशन, सरकारी सब्सिडी दिलाने में मदद भी की जाती है. इसके अलावा फसल बिक्री के लिए भी मदद करती है. हालांकि इस स्टार्टअप को भारत सरकार ने भाषिनी ऐप से लिंक किया हुआ है, जिससे बिना पढ़े-लिखे किसान और मजदूर वॉयस कमांड के जरिए मदद हासिल कर सकते हैं.
5.आज बना दी करोड़ों की कंपनी

भले ही चंद्रमणि कुमार का आईआईटी करने का सपना पूरा नहीं हो सका. लेकिन उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से करोड़ों का कारोबार जरूर बना दिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, चंद्रमणि कुमार की कंपनी एग्रीजॉय का रिवेन्यू 8 करोड़ रुपये पहुंच गया है.