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मां के गहने बेचकर 20000 से शुरू किया बिजनेस, आज खड़ी कर दी 216 करोड़ की कंपनी

जिसके पास कभी खाने के भी पैसे न हो, वो बिजनेस की कैसे सोच पाएगा. लेकिन आज हम एक ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहा है, जिसने बिजनेस के लिए अपनी मां के गहने बेच दिए. लेकिन फिर अपनी मेहनत और लगन से करोड़ों का साम्राज्य बना दिया है.

मोहम्मद साबिर | May 10, 2026, 11:19 PM IST

1.कभी खाने के भी नहीं थे पैसे?

कभी खाने के भी नहीं थे पैसे?
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दिल्ली के शालीमार बाग इलाके के रहने वाले अवनीत सिंह कोहली उर्फ 'सन्नी' जब 8वीं कक्षा में थे, तो उनके पिता एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे, जिसके बाद घर में खाना बनाने के लिए भी सोचना पड़ता था. इतना ही नहीं, पिता की दवा के भी पैसे नहीं हुआ करते थे. उनके पिता वाशिंग मशीन, टेलीविजन, स्टीरियो डेक बनाने की फैक्ट्री हुआ करती थी. लेकिन दुर्घटना के बाद उनकी कंपनी ठप पड़ गई थी. 
 

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2.मां के गहने बेचकर शुरू किया बिजनेस

मां के गहने बेचकर शुरू किया बिजनेस
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साल 1999 में सन्नी के पिता ने उनकी मां के गहने 20000 रुपये में बेच दिए थे और इन पैसों से एक स्टेबलाइजर बनाने का काम शुरू किया था. उस समय दिल्ली में पावर की क्वालिटी अच्छी नहीं आया करती थी और स्टेबलाइजर की जरूरत पड़ती थी. हालांकि साल 2000 में सन्नी ने भी अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए इसी कारोबार में लग गए थे. लेकिन फिर उनका ये बिजनेस फ्लॉप हो गया, क्योंकि दिल्ली में 2010 के बाद पावर क्वालिटी ठीक हो गई थी. 
 

3.फिर सीखे कार बनाने का काम

फिर सीखे कार बनाने का काम
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सन्नी ने मोटर कार में अपना हाथ आजमाने की सोची. उन्होंने करोल बाग में एक अंकल की दुकान पर कार का सीखा. उस समय सेकेंड हैंड कार का काम बहुत अच्छा चलता था. फिर उन्होंने एक फ्लैट बिकवाया और पूंजी इकठ्ठा की, जिसके बाद इसी में कारोबार किया. लेकिन उनका ये काम भी फ्लॉप हो गया. 
 

4.साल 2011 में बदली किस्मत

साल 2011 में बदली किस्मत
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अवनीत सिंह कोहली उर्फ सन्नी ने अमीर बनने के लिए कड़ी मेहनत की और लगातार उन्हें निराशा ही मिली. लेकिन सन्नी ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और न ही कभी हार मानी. साल 2011 में सन्नी ने ऑटो बेस्ट से एक छोटी दुकान खोली. उनके पास पजेरो, लौरा, क्रूज, एल्टिस, वेरना, एकॉर्ड जैसी लग्जरी कारे होती थी. लग्जरी गाड़ियों का काम बहुत ही कम लोग करते थे. वो एक महीने में करीब 4-5 कार बेच दिया करते थे. फिर साल 2013 में सन्नी ने अपने भाई जसप्रीत सिंह उर्फ 'हन्नी' को भी अपने बिजनेस में शामिल कर लिया. फिर 2015 में पिता को भी काम करने से मना कर दिया. उन्होंने फिर अपना बिजनेस का नाम Auto Best Emperio रखा और 4.5 रुपये किराए पर जगह ली. 
 

5.आज बना दिया करोड़ों का साम्राज्य

आज बना दिया करोड़ों का साम्राज्य
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सन्नी और हन्नी का ये बिजनेस खूब चला, क्योंकि उस समय कंपीटिशन कम था और मार्जिन तगड़ा था. फिर धीरे-धीरे सन्नी ने मार्केट पर कब्जा कर लिया. अब वो मर्सिडीज, लैम्बोरगिनी, ऑडी, बीएमडब्ल्यू, वोल्वो, लैंड रोवर, बेंटलें जैसी लग्जरी गाड़ियों की डील करते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 216 करोड़ रुपये पहुंच गया है. 
 

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