बिजनेस
मोहम्मद साबिर | Jun 08, 2026, 08:46 PM IST
1.पहला बिजनेस हुआ फ्लॉप

अरुणाभ सिन्हा ने आईआईटी बॉम्बे से मेटलर्जी और मैटेरियल साइंस से पढ़ाई पूरी की. हालांकि, पढ़ाई पूरी करने के बाद अपनी कंपनी स्टार्ट की. उन्होंने फ्रेंग्लोबल नाम से अपना पहला स्टार्टअप शुरू किया था, लेकिन इसमें उनके हाथ सिर्फ निराशा हाथ लगी. लेकिन फिर भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और दूसरा कारोबार किया. लेकिन साल 2015 में उन्होंने ये वेंचर भी बेच दिया.
2.वेंचर बेचकर करने लगे नौकरी

पहला बिजनेस फ्लॉप और दूसरा बेचने के बाद अरुणाभ ने नौकरी करने का फैसला लिया. उन्होंने ट्रीबो होटल्स में सीनियर पोजीशन पर काम किया. इस दौरान उनकी सैलरी 12 लाख रुपये प्रति महीना थी. लेकिन उन्हें अपना ही बिजनेस करना था, जिसके के लिए उन्होंने नौकरी कुछ समय बाद छोड़ दी और अपना तीसरा कारोबार स्टार्ट किया.
3.फिर तीसरी बार लिया बिजनेस का रिस्क

अरुणाभ ने हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में काम करते हुए देखा कि 60 प्रतिशत शिकायतें लॉन्ड्री से जुड़ी हुई हैं. इसी वजह से उन्होंने अपना नया बिजनेस लॉन्ड्री शुरू किया. उन्होंने नौकरी छोड़कर UClean नाम से लॉन्ड्री का बिजनेस शुरू किया. इस कारोबार का मकसद 24 से 48 घंटे में कपड़े धोकर और प्रेस करके पहुंचाना है.
4. कभी मां को बेचने पड़े थे हाथ के कंगन

अरुणाभ का बचपन गरीबी में ही गुजरा है और उनका परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी. हालांकि, उनकी पढ़ाई के लिए भी पैसे नहीं थे. लेकिन उनकी मां ने बेटे की पढ़ाई के लिए अपने सोने के कंगन बेच दिया है.
5.आज बना दिया करोड़ों का बिजनेस

अरुणाभ की कंपनी UClean की आज देशभर में 800 से अधिक आउटलेट्स हैं. वहीं उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 160 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.