बिजनेस
मोहम्मद साबिर | Jun 04, 2026, 04:46 PM IST
1.नौकरी का ऑफर ठुकरा कर शुरू किया बिजनेस

अंकित आलोक बगड़िया और अभि गावड़ी ने अपनी पढ़ाई आईआईटी रुड़की से केमिकल इंजीनियरिंग की हुई है. कॉलेज के समय से ही दोनों अपना बिजनेस करना चाहते थे. यहां तक दोनों ही दोस्तों को शानदार प्री-प्लेसमेंट ऑफर भी आया था, लेकिन उन्होंने ऑफर को ठुकरा दिया और अपना कारोबार शुरू किया.
2.इस आइडिया से शुरू किया अपना कारोबार

अंकित आलोक बगड़िया और अभि गावड़ी ने साल 2019 में महसूस किया कि केशम के कीड़ों और मक्खियों के लार्वा प्राकृतिक रूप से प्लांट-बायोमास को प्रोटीन में बदलने की ताकत की है. इस आइडिया के साथ दोनों दोस्तों ने लूपवर्म (Loopworm) की नींव रखी. इस कंपनी के जरिए उनका मकसद था कि वो फिश मील को कम करके पशु और पेट न्यूट्रिशन के लिए बढ़िया और टिकाऊ प्रोटीन तैयार करना था.
3.कभी खुद उठाते थे 50-50 किलो के बोरे

दोनों दोस्तों ने अपने कारोबार के लिए काफी मेहनत की है. कभी दोनों दोस्त स्कूटी पर 50-50 किलो के बोरे भी उठाते थे. इतना ही नहीं, लागत बचाने के लिए दोनों बेंगलुरु और तमिलनाडु के बॉर्डर पर खुद रहकर ग्राउंड वर्क संभाला करते थे. साल 2019 से 2022 तक दोनों ने किफायती तरीके से चलाई है.
4.गरीब काम करने वालों की आय में 10 प्रतिशत हुई बढ़ोतरी

अंकित और अभि हाइब्रिड मॉडल पर काम करते हैं. हालांकि, इसकी प्रोसेसिंग इन-हाउस होती है और इंसेक्ट फॉर्मिंग का काम किसानों और सिल्क रीलर्स के नेटवर्क को आउटसोर्स करते हैं. ये कंपनी रोजाना लगभग 20 टन रेशन के कचरे को रीसाइकल करती है, जिससे कचरा फेंकने वाले गरीब काम करने वालों की आय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है.
5.आज बनाया करोड़ों का बिजनेस

अंकित और अभि ने अपने कारोबार के लिए काफी संघर्ष किया है और अब उनकी मेहनत रंग भी लाई. रिपोर्ट्स के अनुसार, लूपवर्म का सालाना टर्नओवर 16 करोड़ रुपये पहुंच गया है.