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Gaurav Barar | Jun 09, 2026, 12:44 PM IST
1.इस स्टेशन पर पूरे दिन पसरा रहता है सन्नाटा

भारतीय रेलवे को दुनिया के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्कों में गिना जाता है. जहां नई दिल्ली या हावड़ा जैसे स्टेशनों पर हर दिन लाखों यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है, वहीं हमारे देश में एक ऐसा रेलवे स्टेशन भी है जहां पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहता है. (Image- Social Media)
2.माना जाता है देश का आखिरी रेलवे स्टेशन

हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित सिंहाबाद रेलवे स्टेशन (Singhabad Railway Station) की. इसे भारत का सबसे कम इस्तेमाल होने वाला और देश का आखिरी रेलवे स्टेशन माना जाता है. सिंहाबाद स्टेशन भारत और बांग्लादेश की सीमा पर बसा है. (Image- Social Media)
3.अंग्रेजों के जमाने में था बड़ा स्टेशन

इंडियन रेलवे ईस्टर्न रेलवे डिवीजन की रिपोर्ट के अनुसार, अंग्रेजों के जमाने में यह स्टेशन एक बहुत बड़ा और व्यस्त रेलवे हब हुआ करता था. यहां से महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसी महान हस्तियों ने भी यात्रा की थी. विभाजन से पहले कोलकाता से ढाका जाने वाली ट्रेनें इसी रास्ते से होकर गुजरती थीं. लेकिन वक्त बदला, सरहदें खिंचीं और धीरे-धीरे इस स्टेशन की रौनक पूरी तरह गायब हो गई. (Image- Social Media)
4.यहां कितने यात्री आते हैं?

अगर यात्रियों की संख्या की बात करें, तो इस स्टेशन पर यात्री संख्या लगभग शून्य है. यहां साल भर में शायद ही कोई आम मुसाफिर आपको टिकट खरीदते या ट्रेन का इंतजार करते दिखे. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस स्टेशन पर कोई भी नियमित यात्री पैसेंजर ट्रेन आकर नहीं रुकती है. (Image- Social Media)
5.टिकट काउंटर पर लटका ताला

पुराने समय में यहां ओल्ड मालदा से एक पैसेंजर ट्रेन चलती थी, लेकिन अब वो भी बंद हो चुकी है. यहां के टिकट काउंटर पर ताला लटका रहता है और पूरा प्लेटफॉर्म बिल्कुल सुनसान दिखाई देता है.
6.फिर यह स्टेशन खुला क्यों है?

अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि जब यहां कोई यात्री ही नहीं आता, तो रेलवे ने इस स्टेशन को बंद क्यों नहीं किया? असल में, भले ही यह स्टेशन आम यात्रियों के लिए लगभग बेकार हो चुका है, लेकिन भारत के व्यापार के लिहाज से इसका महत्व आज भी बहुत ज़्यादा है. (Image- Magnific)
7.मालगाड़ियों के ट्रांजिट हब के रूप में होता है इस्तेमाल

सिंहाबाद रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल केवल मालगाड़ियों के ट्रांजिट हब के रूप में किया जाता है. भारत से बांग्लादेश और नेपाल जाने वाली मालगाड़ियां इसी स्टेशन के ट्रैक से होकर गुजरती हैं. यहां से बड़े पैमाने पर कोयला, प्याज और खाद्यान्न जैसी चीजें पड़ोसी देशों में भेजी जाती हैं. इसी वजह से यहां आज भी रेलवे का कुछ स्टाफ तैनात रहता है, जो केवल मालगाड़ियों के सिग्नल और कागजी काम को संभालता है. (AI Image)
8.यहां मिल जाएंगी ब्रिटिश काल से जुड़ी चीजें

आज भी इस स्टेशन पर आपको ब्रिटिश काल के सिग्नल सिस्टम, पुराने टेलीफोन और कार्डबोर्ड वाले टिकट रखने के रैक देखने को मिल जाएंगे. यह जगह अब सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि इतिहास का एक शांत पन्ना बन चुकी है, जहां समय जैसे ठहर सा गया है. (Image- Social Media)