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8th Pay Commission: राज्यों के सरकारी कर्मचारियों की कब बढ़ेगी सैलरी?

8th Pay Commission की चर्चा तेज़ है. इसके लागू होते ही केंद्र के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है. इस बीच सवाल उठ रहा है कि क्या इसका फायदा राज्यों के सरकारी कर्मचारियों को भी मिलेगा?

Kusum Lata | May 01, 2026, 05:18 PM IST

1.क्या है 8th Pay Comission

क्या है 8th Pay Comission
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केंद्र सरकार की तरफ से हर 10 साल में सेंट्रल पे कमीशन का गठन किया जाता है. यह पे कमीशन महंगाई और अन्य फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की सैलरी में रिविजन का प्रस्ताव देता है. यह आठवां वेतनमान आयोग है.

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2.किसे मिलेगा 8th Pay Commission का फायदा

किसे मिलेगा 8th Pay Commission का फायदा
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8th Pay Commission के द्वारा होने वाले सैलरी रिविजन का फायदा केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले सभी कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगा. पे कमीशन लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी, डीए में बढ़ोतरी होती है. वहीं, रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन भी बढ़ती है. लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को इसका फायदा मिलेगा.

3.राज्यों को मिलेगा 8th Pay Commission का फायदा?

राज्यों को मिलेगा 8th Pay Commission का फायदा?
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राज्यों के सरकारी कर्मचारियों को पे कमीशन का सीधा फायदा नहीं मिलता है. हालांकि, पे कमीशन के लागू होने के बाद राज्यों की सरकारें अपने यहां रिव्यू करती हैं और पे कमीशन की तरह से अपने-अपने सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव करती हैं. कुछ राज्य 8th Pay Commission के सुझावों को सीधा लागू करते हैं. हालांकि, राज्य 8th Pay Commision की सिफारिशों को लागू करने के लिए बाध्य नहीं हैं. आमतौर पर केंद्र में पे कमीशन लागू होने के बाद राज्यों में एक से चार साल के अंदर सैलरी रिवीजन होता है.

4.हाल ही में बढ़ी है डेडलाइन

हाल ही में बढ़ी है डेडलाइन
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नेशनल काउंसिल-जॉइंट कन्सल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सबसे बड़ी संस्था है. 60 साल से पे कमीशन अपनी सिफारिश तैयार करने से पहले NC-JCM से सुझाव लेता है. NC-JCM ने कर्मचारियों की मांग पे कमीशन के सामने रखता है. कर्मचारियों की मांगें सबमिट करने के लिए 30 अप्रैल लास्ट डेट थी, जिसे बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया है.
 

5.क्या है कर्मचारियों की मांग

क्या है कर्मचारियों की मांग
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NC-JCM की तरफ से पिछले दिनों मांग की गई थी कि फिटमेंट फैक्टर 3.83 रखा जाए. फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर है, जो महंगाई और विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद पे कमीशन तय करता है. इस फिटमेंट फैक्टर से ही करेंट बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी प्रपोज़ की जाती है. अगर ये मांग मानी जाती है तो केंद्र के सरकारी कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 18,000 से बढ़कर 69,000 हो जाएगी. 

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