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Startup: भारत ने अमेरिका में गाड़ा झंडा, भारतीय मूल के 66 स्टार्टअप बने Unicorn

Indian Startup: NFAP ने भारतीय स्टार्टअप को लेकर एक आंकड़ा जारी किया है. इस आंकड़ें में बताया गया है कि अमेरिका में 66 कंपनियां भारतीय मूल की हैं.

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Startup: भारत ने अमेरिका में गाड़ा झंडा, भारतीय मूल के 66 स्टार्टअप बने Unicorn

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डीएनए हिंदी: नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (NFAP) के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिका में स्टार्टअप के तौर पर काम करने वाली 66 कंपनियों भारतीय मूल के लोगो द्वारा चलाई जा रही है. ये कहना गलत नहीं होगा की US स्टार्टअप UNICORNS के TOP चार्ट में भारत सबसे ऊपर है. US की इकॉनमी का 1 बिलियन डॉलर या उससे अधिक मूल्य की 582 स्टार्टअप कंपनियों में अप्रवासियों का कब्जा है. US के सभी STARTUPS में से 319 में लगभग एक फॉउंडर मेंबर विदेशी मूल का है. इतना ही नहीं USA के स्टार्टअप में लगभग 133 कंपनियों ऐसी है जिनमें कम से कम एक अप्रवासी लीड रोले में है. जैसे कि सीईओ, सीटीओ या इंजीनियरिंग के वीपी की पोस्ट पर हैं . 

55% अमेरिकी यूनिकॉर्न में भारतीय टॉप पर

अप्रवासियों द्वारा स्थापित 55% अमेरिकी यूनिकॉर्न में भारतीय टॉप पर है. वहीं अमेरिका आधे से अधिक STARTUPS फाउंडर मूल रूप से भारतीय हैं. UNICORNS के टॉप चार्ट में 66 कंपनियां भारतीय लोगों की है. इसके बाद इज़राईली 54 कम्पनिया के साथ टॉप चार्ट में दूसरे स्थान पर है.

अमेरिकन स्टार्टअप की ग्रोथ में 78% यानी 582 बिलियन डॉलर के स्टार्टअप्स में अप्रवासियों का बहुत बड़ा योगदान है. इसके अलावा स्टार्टअप में UNICORNS  कम्पनियां देश में सालाना लगभग 859 नौकरियां पैदा कर रही हैं. एक तरह से देखा जाए तो किसी भी देश के लिए स्टार्टअप आज के समय में डिमांड के मुताबिक सप्लाई प्रोवाइड कराने का आसान जरिया है. ये कहना गलत नहीं होगा की अप्रवासियों द्वारा स्थापित अमेरिकी UNICORNS 1.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है या ये कहें की यह ब्राजील जैसे देश के स्टॉक एक्सचेंज (925 अरब डॉलर) जैसे प्रमुख शेयर बाजारों में लिस्टेड कंपनियों से कही ज़्यादा है. 

क्या होते हैं STARTUPS

स्टार्टअप ऐसी कंपनियां या बिजनेस हैं जो किसी एक प्रोडक्ट या सेवा पर केंद्रित होते हैं. इन कंपनियों के पास आमतौर पर पूरी तरह से विकसित बिजनेस मॉडल नहीं होता है. इससे भी बड़ी बात यह है की STARTUP शुरू करने के लिए बहुत बड़े इन्वेस्टमेंट की जरुरत नहीं होती है. वही ज़्यादातर स्टार्टअप्स को शुरू में उनके फाउंडर्स द्वारा ही FUND किया जाता है.

क्या होते हैं स्टार्टअप UNICORNS

क्या आपको पता है कि कैसे कोई छोटी सी आईडिया से शुरू हुई कंपनी आज के दिन में अरबों डॉलर का बिज़नेस कर रही है? और इनको यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्यों कहा जाता है? दरअसल, कोई भी प्राइवेट कंपनी जिसका वैल्यूएशन एक बिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाता है उन कंपनी को फाइनेंशियल दुनिया में यूनिकोर्न स्टार्टअप कहते हैं. इसे सबसे पहले वेंचर कैपिटलिस्ट "ऐलीन ली" द्वारा 2013 में इस्तेमाल किया गया था.

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