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NPS के रूल में हुआ बदलाव, अब इस तरह आसानी से निकाल सकेंगे पेंशन

अब तक एनपीएस में शामिल सेवानिवृत्त लोगों को PFRDA के पास निकासी फॉर्म और बीमा कंपनियों के पास एक समाधान फॉर्म जमा करना पड़ता था.

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NPS के रूल में हुआ बदलाव, अब इस तरह आसानी से निकाल सकेंगे पेंशन

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डीएनए हिंदी: भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने मंगलवार को कहा कि उसने राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) की राशि से पेंशन प्राप्त करने के लिए सेवानिवृत्ति के समय एक अलग फॉर्म जमा करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है. IRDAI ने कहा कि इस फैसले का मकसद बीमा उद्योग में कारोबार करना आसान बनाना और पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा करना है.

नियामक ने सर्कुलर जारी कर इस बात की जानकारी दी है. अब तक एनपीएस (NPS) में शामिल सेवानिवृत्त लोगों को पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के पास निकासी फॉर्म और बीमा कंपनियों के पास एक समाधान फॉर्म जमा करना पड़ता था. IRDAI ने कहा कि अब पेंशन की खरीद के लिए एनपीएस के विड्रॉल फॉर्म को प्रस्ताव फॉर्म माना जाएगा. इससे वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ बीमा कंपनियों को भी सुविधा होगी.

पेंशन कौन देता है?

बीमा कंपनियां (Insurance Companies) एकमात्र पेंशन सेवा प्रदाता हैं. ये बीमा नियामक द्वारा विनियमित होते हैं. ये पीएफआरडीए (PFRDA) द्वारा सूचीबद्ध हैं. ये कंपनियां एनपीएस (NPS) ग्राहकों को उनके द्वारा जमा की गई राशि के आधार पर पेंशन देती हैं. एनपीएस (NPS) के तहत पीएफआरडीए के पेंशन फंड को संभालने वाले प्रबंधक हैं. वे इस फंड को अपने विवेक के मुताबिक अलग-अलग विकल्पों में निवेश करते हैं. पीएफआरडीए मानदंडों के मुताबिक सदस्यों को मासिक पेंशन उत्पादों को खरीदने के लिए अपने संचित पेंशन कोष का कम से कम 40 प्रतिशत उपयोग करना होगा. इसके अलावा बची हुई राशि एकमुश्त ली जा सकती है.

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एनपीएस क्या है?

यह एक लॉन्ग टर्म निवेश योजना है जो केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित है. इसमें लोगों को निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें अच्छी पेंशन और एकमुश्त राशि मिल सके. इस योजना में सिर्फ सशस्त्र बल निवेश नहीं कर सकते हैं. वहीं इसके रिटर्न की बात करें तो यह मार्केट लिंक्ड स्कीम है इसलिए इसमें रिटर्न बदलते रहते हैं लेकिन औसतन निवेशकों को 8-10 फीसदी का सालाना रिटर्न मिलता है. इसमें निवेश करके आप टैक्स छूट भी पा सकते हैं. इसमें आप 50 साल की उम्र तक निवेश शुरू कर सकते हैं. बता दें कि एनपीएस (NPS) 60 साल की उम्र में मैच्योर होता है.

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