Advertisement

GST में बदलाव की बयार! GoM ने मानी केंद्र की बात, अब होंगे सिर्फ दो टैक्स स्लैब

जीएसटी दरों को आम लोगों के लिए और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए GoM ने मोदी सरकार के कई प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. भविष्य में 4 में से दो ही टैक्स स्लैब देखने को मिल सकता है, जानें क्या है पूरा मामला...

Latest News
GST में बदलाव की बयार! GoM ने मानी केंद्र की बात, अब होंगे सिर्फ दो टैक्स स्लैब
Add DNA as a Preferred Source

जीएसटी दरों को आम लोगों के लिए और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए राज्यों के मंत्रियों के समूह GoM ने केंद्र के पांच और 18 प्रतिशत की दो-स्लैब स्ट्रक्चर को अपनाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. बिहार के उपमुख्यमंत्री और जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए गठित मंत्रिसमूह के संयोजक सम्राट चौधरी ने कहा कि छह सदस्यीय राज्य मंत्रिसमूह ने 12 और 28 प्रतिशत की स्लैब हटाने के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया है.

GoM ने माने केंद्र सरकार के दोनों प्रस्ताव

चौधरी ने मंत्रिसमूह की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में करते हुए कहा, 'GST दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गठित मंत्रिसमूह ने केंद्र के दोनों प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया है.' उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि केंद्र के प्रस्ताव में विलासिता और समाज के नजरिये से कम जरूरी चीजों पर 40 प्रतिशत कर लगाना भी शामिल है.

यह भी पढ़ें- GST स्लैब से हट सकती हैं 12 और 18 फीसदी की दरें, न्यूनतम स्लैब में भी हो सकता है बड़ा बदलाव

पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि उनके राज्य ने 40 प्रतिशत जीएसटी दर के ऊपर एक अतिरिक्त कर लगाने का प्रस्ताव रखा है ताकि कार जैसी विलासिता और समाज के नजरिये से अहितकर वस्तुओं पर वर्तमान कराधान बना रहे. भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र के प्रस्ताव में नए जीएसटी स्लैब के लागू होने के बाद केंद्र और राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान का उल्लेख नहीं है.

यह भी पढ़ें- किसी फिल्म को Tax Free घोषित करने का क्या है मतलब, क्या होता है फायदा, समझें सब कुछ

अभी जीएसटी में कितने हैं स्लैब्स?

वर्तमान में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की चार स्तरीय संरचना 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत है. खाने की चीजों पर या तो शून्य या पांच प्रतिशत कर लगता है जबकि विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर लगता है. ऐसी वस्तुओं पर 28 प्रतिशत जीएसटी के अलावा, कार जैसी विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x,   इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement