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इंटरग्लोब एविएशन के प्रमोटर राकेश गंगवाल और उनकी फैमिली ट्रस्ट ने अइंडिगो की 3.1% की हिस्सेदारी बेच दी है. साल 2022 से शेयरों को बेचने का जो सिलसिला शुरू हुआ था, वह अबतक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, जानें आखिर पूरा माजरा क्या है...
इंटरग्लोब एविएशन के प्रमोटर राकेश गंगवाल और उनकी फैमिली ट्रस्ट ने अलग-अलग ब्लॉक डील के जरिये विमान कंपनी इंडिगो की 3.1% की हिस्सेदारी 7,027.7 करोड़ रुपये में बेच दी. इसके बाद इंटरग्लोब एविएशन के शेयर में एनएसई और बीएसई पर गिरावट दर्ज की गई. इस डील के बाद राकेश गंगवाल और उनके पारिवारिक ट्रस्ट की इंडिगो में हिस्सेदारी 7.81 प्रतिशत से घटकर 4.71 प्रतिशत हो गई है.
इंडिगो के को-फाउंडर राकेश गंगवान को-फाउंडर राहुल भाटिया के साथ मतभेद के बाद चरणबद्ध तरीके से अपने शेयर बेच रहे हैं. टर्म शीट के अनुसार राकेश गंगवाल के अलावा चिंकरपू फैमिली ट्रस्ट (जिसके ट्रस्टी शोभा गंगवाल और डेलावेयर की जेपी मॉर्गन ट्रस्ट कंपनी है) ने सामूहिक रूप से देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो में 3.1 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेच दी है.
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शेयर बाजार पर शेयरधारिता के आंकड़ों के अनुसार जून 2025 तक गंगवाल और पारिवारिक ट्रस्ट के पास इंडिगो में 7.81 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. ‘टर्म शीट’ के अनुसार लेनदेन के तहत बिक्री में 5,808 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर 1.21 करोड़ शेयर शामिल हैं. यह मंगलवार को एनएसई पर इंडिगो के अंतिम बंद मूल्य 6,050 रुपये से लगभग चार प्रतिशत कम है.
इसके अनुसार 1.21 करोड़ शेयर का मतलब कंपनी में 3.1 प्रतिशत हिस्सेदारी से है. न्यूनतम मूल्य के आधार पर प्रस्ताव का आकार करीब 80.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर या लगभग 7,027.7 करोड़ रुपये आंका गया है. यह डील पूरी तरह से सेकेंडरी है जिसका मतलब है कि कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा और प्राप्त राशि शेयर बेचने वाले शेयर होल्डर्स को मिलेगी. खरीदारों का विवरण अभी नहीं मिल पाया है.
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इस साल मई में गंगवाल और उनके पारिवारिक ट्रस्ट ने विमानन कंपनी में 5.72 प्रतिशत हिस्सेदारी 11,564 करोड़ रुपये में बेचकर अपनी हिस्सेदारी कम कर दी थी. को-फाउंडर राहुल भाटिया के साथ मतभेदों के बीच गंगवाल ने फरवरी 2022 में इंटरग्लोब एविएशन के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था. राकेश गंगवाल ने कहा था कि वह अगले पांच साल में विमानन कंपनी में अपनी शेयर हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम कर देंगे.
गंगवाल और उनकी पत्नी शोभा गंगवाल फरवरी 2022 से इंडिगो में अपने शेयर बेच रहे हैं. राकेश गंगवाल और शोभा गंगवाल ने सितंबर 2022 में 2.74 प्रतिशत हिस्सेदारी 2005 करोड़ रुपये में बेची. फरवरी 2023 में शोभा गंगवाल ने कंपनी में चार प्रतिशत हिस्सेदारी 2944 करोड़ रुपये में बेची. बाद में अगस्त में शोभा गंगवाल ने करीब 2.9 प्रतिशत हिस्सेदारी 2800 करोड़ रुपये से कुछ अधिक में बेची.
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