बिजनेस
Income Tax on Saving Account: सीए रुचिका वघानी ने कहा कि कई खाते होना ठीक है. लेकिन आपको ITR में सभी सेविंग अकाउंट से हुए इनकम के बारे में खुलासा करना होगा. सिर्फ एक मुख्य खाते के बारे में खुलास करने से एक्शन हो सकता है
अगर आपका बैंक में सेविंग अकाउंट है तो आपके लिए यह खबर काफी अहम है. क्योंकि मिडिल क्लास लोग अक्सर अपने भविष्य को संवारने के लिए बैंक अकाउंट में पैसा जमा करके रखते हैं, लेकिन इस पैसे पर किसकी नजर होती है, यह शायद उनको मालूम नहीं होता. एक सीए ने इसको लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) रुचिता वघानी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने बताया कि सेविंग अकाउंट हमेशा आयकर विभाग (IT) की निगरानी में रहता है. हर वित्तीय वर्ष 10 लाख रुपये से ज्यादा का कैश डिपॉजिट की जानकारी Financial Transaction Statement के तहत इनकम टैक्स डिमार्टमेंट को दी जाती है.
सीए ने बताया कि जो बार-बार बड़ी मात्रा में कैश विड्रॉल करते हैं उनपर खासकर नजर रखी जाती है. बैंक एक फाइनेंशियल ईयर में सिर्फ 1 करोड़ तक कैश विड्रॉल करने की अनुमति देते हैं, इसके लिए भी पैन और आधार दिखाना पड़ता है. बिना पैन-आधार के 20 लाख रुपये तक ही निकाल सकते हैं.
उन्होंने कहा कि बार-बार बड़ी रकम की निकासी, ब्याज में अंतर और अघोषित खाते की जांच का विषय बन सकती है. सीए रुचिता वघानी ने टैक्सपेयर्स को सतर्क रहने और आयकर रिटर्न भरते समय सटीक जानकारी देने का निवेदन किया है. उनका कहना है कि गड़बड़ी करने पर आपको आयकर रिटर्न प्रक्रिया के दौरान नोटिस या डिमांड आ सकती है.
🚨 Saving Bank Account Alert for Income Tax🚨
Your Savings Account is not just a place to park money — it’s under the scanner of the Income Tax Department!
Let’s decode the key points every taxpayer should know 🧵👇
1. Cash Deposit Limits 🏦
🚫 Large cash deposits attract…— CA Ruchita Vaghani (@R_N_Vaghani) October 7, 2025
सभी सेविंग अकाउंट का खुलासा करना जरूरी
सीए वघानी ने कहा कि कई खाते होना ठीक है. लेकिन आपको ITR में सभी सेविंग अकाउंट से हुए इनकम के बारे में खुलासा करना होगा. सिर्फ एक मुख्य खाते के बारे में खुलास करने से एक्शन हो सकता है. अगर किसी का जॉइंट खाता है तो उस व्यक्ति को जानकारी देनी चाहिए जो वास्तव में उस खाते का मालिक है. जरूरी नहीं कि दोनों खातेदार ही दें.
यह भी पढ़ें- फिर क्यों हिंसक विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर?
उन्होंने कहा कि आपके बैंक स्टेटमेंट में दिखाई देने वाला ब्याज फॉर्म 26AS/AIS में दर्ज राशि से मेल खाना चाहिए. बेमेल होने पर ITR की प्रोसेसिंग के दौरान नोटिस या डिमांड आ सकती है. अगर आपका कोई खाता निष्क्रिय हो गया है, लेकिन फिर भी वह ब्याज कर योग्य है. इसको भी रिटर्न में शामिल करना न भूलें.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.