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क्या आप जानते हैं कि दुनिया के टॉप 5 सबसे अमीर बैंक कौन से हैं और अमीरों की इस लिस्ट में भारत का बैंकिंग सिस्टम कहां ठहरता है...
बैंक किसी भी देश की इकोनॉमी का एक अहम हिस्सा होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के टॉप 5 सबसे अमीर बैंक कौन से हैं. किसी बैंक का आकार समझने के लिए उसके टोटल एसेट को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. अगर टोटल एसेट के आधार पर बात करें तो दुनिया के सबसे बड़े बैंकों की रैंकिंग में चीन का दबदबा लगातार बना हुआ है.
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की अप्रैल 2026 में जारी रैंकिंग के मुताबिक, दुनिया के चार सबसे बड़े बैंक चीन के हैं, जबकि पांचवें नंबर पर अमेरिका का जेपी मॉर्गन चेस आता है. इस रैंकिंग में ज्यादातर बैंकों के एसेट 31 दिसंबर 2025 तक के डेटा पर आधारित है और अलग-अलग देशों की मुद्राओं को अमेरिकी डॉलर में बदला गया है.
एसएंडपी ग्लोबल की इस रैंकिंग में इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC) लगातार 13वीं बार दुनिया का सबसे बड़ा बैंक बना है. 31 दिसंबर 2025 तक इसकी कुल संपत्ति करीब 7.646 ट्रिलियन डॉलर थी. इसके बाद चीन के ही तीन बड़े सरकारी बैंक आते हैं. एग्रीकल्चर बैंक ऑफ चाइना करीब 6.975 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे नंबर पर, चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक करीब 6.524 ट्रिलियन डॉलर के साथ तीसरे नंबर पर और बैंक ऑफ चाइना चौथे पायदान पर है.

चार रैंक पर चीन के बैंकों के काबीज होने के बाद पांचवें नंबर पर अमेरिका का बैंक है. एसएंडपी ग्लोबल के मुताबिक, जेपी मॉर्गन चेज ने पांचवां नंबर बरकरार रखा है, जबकि बैंक ऑफ अमेरिका छठे नंबर पर है. फ्रांस का BNP पारिबास सातवें और ब्रिटेन का HSBC आठवें नंबर पर है. फ्रांस का क्रेडिट एग्रीकोल नौवें पायदान पर है, जबकि चीन का पोस्टल सेविंग्स बैंक ऑफ चाइना टॉप 10 में शामिल है.
भारत का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कुल संपत्ति के आधार पर 2026 की एसएंडपी ग्लोबल ग्लोबल रैंकिंग में 45वें नंबर पर है. 31 दिसंबर 2025 तक एसबीआई की कुल संपत्ति करीब 877.07 अरब डॉलर थी. वहीं भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक एचडीएफसी ग्लोबल लेवल पर 514.82 अरब डॉलर 76वें नंबर पर है.
इस लिस्ट के मुताबिक चीन के चार बड़े सरकारी बैंक दुनिया के टॉप चार अमीर बैंक हैं, जबकि अमेरिका का जेपी मॉर्गन चेज पांचवें नंबर पर है. भारत में SBI कुल संपत्ति के मामले में 45वें नंबर पर और HDFC बैंक 76वें नंबर पर है. इससे पता चलता है कि भारत का बैंकिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कुल संपत्ति के मामले में दुनिया के सबसे बड़े चीनी और अमेरिकी बैंकों से अभी भी काफी पीछे है.