बिजनेस
Success Story: आजकल व्यस्तता भरी जिंदगी लोग अपनी स्वास्थ्य का ध्यान रखना भूल जाते है. इसी परेशानी को देखते हुए दो बहनों में पौधों पर आधारित न्यूट्रीशनल प्रोडक्ट्स बनाने का स्टार्टअप शुरू किया है.
Success Story: आजकल हर जगह मुकाबला फिर चाहे वह पढ़ाई हो या फिर कोई बिजनेस प्रतिस्पर्धा जरूर हैं. आगे निकलने की होड़ में लोग स्वास्थ्य पर ध्यान देना छोड़ देते हैं. कई बाह व्यस्तताएं इतनी हो जाती है कि लोग अपनी सेहत का ध्यान रखना ही भूल जाते हैं. इसी हेल्थ समस्या को देखते हुए हैदराबाद की दो बहनों ने वेदा और सुधा गोमिनेनी ने युवाओं में बढ़ती इस समस्या को देखा. मोटी तनख्वाह वाली नौकरी छोड़कर उन्होंने एक हेल्थ स्टार्टअप शुरू किया. इसका नाम है- अर्थफुल.
शार्क टैंक इंडिया से लाखों की फंडिंग
अर्थफुल हर्बल न्यूट्रीशनल प्रोडक्ट्स बनाता है. हाल ही में इसे शार्क टैंक इंडिया से भी लाखों की फंडिंग हाशिल हुई है. असल में वह भी हेत्थकेयर से जुड़ी परेशानियों से जूझ रही थी. अब उनके स्टार्टअप से उन्हें अच्छा खासा पैसा मिल रहा है. आइए के हैं उनके सफर के बारे में. वेदा गोगिनेनी ने IIT खड़गपुर से बायोटेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है. दोनों बढ़िया नौकरी कर रही थी. लेकिन दौरान उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देने का टाइम नहीं मिला. खराब लाइफस्टाइल के चलते उनकी तबियत बिगड़ने लगी.
पौधों पर आधारित न्यूट्रीशनल प्रोडक्ट्स बनाती है कंपनी
घुटनों में दर्द रहता था. बाल झड़ रहे थे. त्वचा में दिक्कतें थीं. पीठ में दर्द रहता था. नींद भी ठीक से नहीं आती थी. चेकअप कराने पर पता चला कि शरीर में कैल्शियम की कमी है. तब उन्हें एहसास हुआ कि एक जगह पर बैठे रहना कितना मुश्किल हो जाता हैं. इसी समस्या का समाधान खोजने में 'अर्थफुल' स्टार्टअप की शुरुआत हुई. उन्होंने 2020 में अर्थफुल की शुरुआत की. यह कंपनी साफ और पौधों पर आधारित न्यूट्रीशनल प्रोडक्ट्स बनाती है. वेदा और सुधा ने विज्ञान के अपने ज्ञान का इस्तेमाल करके मल्टीविटामिन और हर्बल कॉम्बिनेशन बनाए. इनमें अमरूद के पत्ते, करी पत्ते और कई चीजें शामिल हैं. उनका स्टार्टअप टियर-1 और टियर-2 शहरों में तेजी से बढ़ा.
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