बिजनेस
दुनिया भर में इको-फ्रेंडली और हाथ से बनी चीजों का क्रेज आजकल बहुत तेजी से बढ़ रहा है. खासकर अमेरिका और यूरोप जैसे विदेशी बाजारों में भारतीय हस्तशिल्प की भारी डिमांड है.
आजकल दुनिया भर में लोकल के लिए वोकल और पर्यावरण के अनुकूल यानी इको-फ्रेंडली चीजों का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ रहा है. खासकर अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट के देशों में लोग फैक्ट्रियों में बनी प्लास्टिक या केमिकल वाली चीजों को छोड़कर हाथ से बनी यानी हैंडमेड चीजों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. भारतीय हस्तशिल्प और कला की विदेशों में हमेशा से भारी डिमांड रही है. अगर आप भी अपना कोई छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो मोमबत्ती, ऑर्गेनिक साबुन या जूट बैग बनाने का काम एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है.
सबसे अच्छी बात यह है कि इन्हें आप बहुत कम लागत में अपने घर से शुरू कर सकते हैं और अमेजन, फ्लिपकार्ट या एत्सी (Etsy) जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए पूरी दुनिया में बेच सकते हैं. भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की एक्सपोर्ट रिपोर्ट, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के स्टार्टअप गाइडलाइंस के आधार पर ये लिस्ट तैयार की गई है.
त्योहारों, शादियों, होम डेकोरेशन और तनाव कम करने के लिए सुगंधित मोमबत्तियों की मांग विदेशों में बहुत ज्यादा है. इसे शुरू करने के लिए आपको सोया वैक्स, तरह-तरह के एसेंशियल ऑयल (सुगंध के लिए), मोल्ड और धागे की जरूरत होती है. आप इसे महज ₹5,000 से ₹10,000 के बजट में घर के एक कोने से शुरू कर सकते हैं.
विदेशों में लोग कस्टमाइज्ड और डिजाइनर मोमबत्तियों के लिए बहुत अच्छे पैसे देने को तैयार रहते हैं. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एक अच्छी सुगंधित मोमबत्ती ₹500 से लेकर ₹1,500 तक में आसानी से बिक जाती है.
केमिकल वाले साबुनों से स्किन को होने वाले नुकसान के कारण अब लोग तेजी से नेचुरल और ऑर्गेनिक साबुनों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं. हाथ से साबुन बनाना बेहद आसान है. इसके लिए आपको सोप बेस, बकरी का दूध, एलोवेरा, चारकोल, मुल्तानी मिट्टी और प्राकृतिक तेलों की आवश्यकता होती है. आप यूट्यूब की मदद से 2-3 दिनों में इसे बनाना सीख सकते हैं.
इन साबुनों की पैकिंग अगर आकर्षक और इको-फ्रेंडली, जैसे कागज की रैपिंग हो, तो ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर इनकी बहुत अच्छी रीसेल वैल्यू मिलती है. विदेशों में एक सिंगल हैंडमेड बार की कीमत 5 से 10 डॉलर तक होती है.
दुनिया भर में सिंगल-यूज प्लास्टिक पर बैन लगने के बाद जूट और सूती बैग्स का मार्केट तेजी से बढ़ा है. विदेशी लोग शॉपिंग, कॉलेज और ऑफिस के लिए जूट के बने ट्रेंडी बैग्स का इस्तेमाल खूब करते हैं.
अगर आपको थोड़ी बहुत सिलाई आती है, तो आप थोक मार्केट से जूट का कपड़ा लाकर घर पर ही कस्टमाइज्ड टोट बैग, लंच बैग या शॉपिंग बैग सिल सकते हैं. आप इन पर सुंदर कोट्स या डिजाइन भी प्रिंट कर सकते हैं. जूट बैग बनाने की लागत ₹40 से ₹50 आती है, जबकि ऑनलाइन मार्केट में ये ₹300 से ₹800 के बीच आसानी से बिक जाते हैं.
अपना प्रोडक्ट तैयार करने के बाद आपको अमेजन (Amazon Global Selling) या फ्लिपकार्ट के सेलर पैनल पर जाकर अपना फ्री अकाउंट बनाना होगा. इसके लिए आपके पास जीएसटी नंबर और बैंक अकाउंट होना जरूरी है. अपने प्रोडक्ट्स की अच्छी और साफ तस्वीरें खींचकर वेबसाइट पर अपलोड करें. अगर आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेचना चाहते हैं, तो Etsy वेबसाइट पर भी अपना स्टोर खोल सकते हैं, जहां दुनिया भर से खरीदार सीधे आपसे संपर्क करते हैं.
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