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स्वतंत्रता दिवस से पहले भारतीय इकॉनमी के लिए आई अच्छी खबर, S&P ने क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर BBB किया, जानें इसके फायदे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खुशखबरी सामने आई है. आपको बता दें ग्लोबल रेटिंग एजेंसी S&P ने 19 साल बाद भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए इसे ‘BBB’ कर दिया है.

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स्वतंत्रता दिवस से पहले भारतीय  इकॉनमी के लिए आई अच्छी खबर,  S&P ने क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर BBB किया, जानें इसके फायदे

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पिछले कुछ समय से लगातार अमेरिका से व्यापार को लेकर भारत की तल्खी बढ़ती नजर आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खुशखबरी सामने आई है. आपको बता दें ग्लोबल रेटिंग एजेंसी S&P ने 19 साल बाद भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए इसे ‘BBB’ कर दिया है. इसका मतलब यह है कि अब भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर्ज लेने में आसानी होगी और ब्याज दरें भी कम होंगी. बताते चलें एजेंसी ने इस बदलाव के पीछे भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, महंगाई पर नियंत्रण और राजकोषीय मजबूती को अहम कारण बताया है.

सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल

दरअसल, S&P के अनुसार, भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. पिछले 5-6 वर्षों में सरकारी खर्च की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है. कंपनी ने लगातार अमेरिका के बढ़ते टैरिफ का भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीमित असर होने की संभावना जताई है.  S&P के अनुसार, भारत की लगभग 60% आर्थिक वृद्धि घरेलू खपत से आती है, न कि विदेशी व्यापार पर निर्भरता से.

डेड इकोनॉमी’ कहकर आलोचना की थी

इस रेटिंग के मैने और बढ़ जाते हैं जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ कहकर आलोचना की थी और 27 अगस्त से भारतीय सामानों पर कुल 50% टैरिफ लागू करने की घोषणा की थी. इसके बावजूद भी S&P का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती बरकरार है.


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आपको बताते चलें, क्रेडिट रेटिंग में सुधार का सीधा फायदा यह होगा कि भारतीय कंपनियों के लिए विदेशी बाजार से कर्ज लेने की लागत घटेगी, जिसके कारण निवेश को देश में बढ़ावा मिलेगा. दरअसल इससे पहले जनवरी 2007 में S&P ने भारत को ‘BBB-’ रेटिंग दी थी, जो निवेश स्तर का सबसे निचला पायदान है. अब ‘BBB’ रेटिंग मिलने से भारत को एक पायदान ऊपर जगह मिली है, जो बेहतर वित्तीय स्थिरता का संकेत है.

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