Advertisement

‘हो सकता था उनका सफर कुछ और होता...', टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने Ratan Tata को लेकर कह दी बड़ी बात

नोएल टाटा ने ईटी अवॉर्ड्स में अपने सौतेले भाई रतन टाटा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने टाटा ग्रुप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. उन्होंने यह भी बताया कि रतन टाटा मूल रूप से उद्योग जगत में नहीं आना चाहते थे.

Latest News
‘हो सकता था उनका सफर कुछ और होता...', टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने Ratan Tata को लेकर कह दी बड़ी बात

Noel Tata

Add DNA as a Preferred Source

टाटा समूह के दिग्गज और भारत के सम्मानित उद्योगपति रतन टाटा को मरणोपरांत 'ज्वेल ऑफ इंडिया' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. इस अवॉर्ड को उनके सौतेले भाई नोएल टाटा ने स्वीकार किया और इस मौके पर रतन टाटा के व्यक्तित्व और योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि रतन टाटा अपनी सादगी, उदारता और मानवीय संवेदनाओं के लिए दुनियाभर में सम्मानित थे. नोएल टाटा ने इकोनॉमिक टाइम्स अवॉर्ड्स में बोलते हुए कहा, 'रतन टाटा को जो सम्मान भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला, वह केवल उनके व्यावसायिक कौशल के कारण नहीं, बल्कि उनके विनम्र और दयालु स्वभाव की वजह से भी था.'

परोपकार के क्षेत्र में भी अद्वितीय योगदान

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रतन टाटा का मूल सपना आर्किटेक्ट बनने का था. लेकिन परिस्थितियों और परिवार की जिम्मेदारियों ने उन्हें टाटा ग्रुप के नेतृत्व की ओर मोड़ दिया. नोएल टाटा ने कहा, 'अगर उन पर कोई जिम्मेदारी नहीं होती, तो शायद वह एक आर्किटेक्ट होते, न कि उद्योग जगत के प्रतिष्ठित नेता. लेकिन उन्होंने न केवल टाटा समूह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि परोपकार के क्षेत्र में भी अद्वितीय योगदान दिया.'

टाटा ट्रस्ट्स को एक नई दिशा दी

उन्होंने रतन टाटा की मानवीय संवेदनाओं और परोपकारी दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स को एक नई दिशा दी और इसे समाजसेवा के क्षेत्र में और मजबूत बनाया. उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर भी जरूरतमंदों की मदद करने में कभी पीछे नहीं हटे. नोएल टाटा ने लियो टॉल्स्टॉय के एक उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा, 'जहां सादगी, अच्छाई और सच्चाई न हो, वहां महानता नहीं होती.' उन्होंने कहा कि अगर इन तीन गुणों के आधार पर रतन टाटा को मापा जाए, तो वह निःसंदेह एक असाधारण व्यक्तित्व थे.


यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया और ईमेल पर अब IT अधिकारियों की सीधी पहुंच, कभी भी हो सकती है जांच, जानें क्या है नया नियम


उनकी कमी हमेशा खलेगी

रतन टाटा की दूरदृष्टि, नेतृत्व और परोपकार ने उन्हें केवल एक उद्योगपति ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाया. उनकी कमी हमेशा खलेगी, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement