Advertisement

पोस्ट ऑफिस FD में ₹1 लाख लगाने पर 12 महीने बाद मिलेगा कितना रिटर्न? यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

अगर आप 12 महीने यानी 1 साल के लिए पैसा फिक्स करने का सोच रहे हैं, तो पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम एक बेहतरीन विकल्प है.

Latest News
पोस्ट ऑफिस FD में ₹1 लाख लगाने पर 12 महीने बाद मिलेगा कितना रिटर्न? यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम (AI Image)

Add DNA as a Preferred Source

जब बात अपनी गाढ़ी कमाई को सही और सुरक्षित जगह पर निवेश करने की आती है, तो आज भी देश के करोड़ों लोगों की पहली पसंद भारतीय डाकघर यानी पोस्ट ऑफिस ही होता है. सालों से चला आ रहा भरोसा और सरकारी सुरक्षा की गारंटी इसे सबसे खास बनाती है. पोस्ट ऑफिस न केवल डाक की सेवाएं देता है, बल्कि बैंकों की तरह ही कई बेहतरीन बैंकिंग और बचत योजनाएं भी चलाता है.

सबसे अच्छी बात यह है कि पोस्ट ऑफिस की कई बचत योजनाओं में मिलने वाला रिटर्न देश के बड़े-बड़े बैंकों से भी बेहतर होता है. अक्सर लोग पोस्ट ऑफिस में फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी कराने के बारे में सोचते हैं, तो चलिए जानते हैं कि 12 महीने यानी 1 साल की एफडी पर यहां कितना ब्याज मिल रहा है और इसके नियम क्या हैं.

पोस्ट ऑफिस में एफडी को कहते हैं 'टाइम डिपॉजिट'

जिस तरह हम बैंकों में एक निश्चित समय के लिए पैसा जमा करके एफडी बनवाते हैं, ठीक उसी तरह पोस्ट ऑफिस में इसे टीडी कहा जाता है. काम करने का तरीका दोनों का बिल्कुल एक जैसा ही है. आपको बस एक ही बार में अपना सारा पैसा जमा करना होता है और फिर समय पूरा होने यानी मैच्योरिटी पर आपकी मूल रकम के साथ तय किया गया ब्याज जोड़कर पूरा पैसा वापस मिल जाता है.

1 साल की एफडी पर कितना मिल रहा है ब्याज?

अगर आप पोस्ट ऑफिस में 12 महीने के लिए अपना पैसा जमा करते हैं, तो आपको इस समय 6.9 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज मिलता है. यह दर छोटे निवेशकों और सुरक्षित रिटर्न चाहने वालों के लिए काफी आकर्षक मानी जाती है.

क्या वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है कोई एक्स्ट्रा फायदा?

अक्सर हमने देखा है कि ज्यादातर सरकारी और प्राइवेट बैंक 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को आम ग्राहकों की तुलना में 0.50% तक ज्यादा ब्याज देते हैं. यहां तक कि कुछ बैंक 80 साल से ऊपर के अति-वरिष्ठ नागरिकों को और भी ज्यादा रिटर्न की पेशकश करते हैं. लेकिन पोस्ट ऑफिस में ऐसा कोई नियम नहीं है.

पोस्ट ऑफिस अपनी टीडी योजनाओं पर हर उम्र के ग्राहकों को एक समान ही ब्याज देता है. चाहे निवेशक 25 साल का युवा हो या 70 साल के बुजुर्ग, दोनों को 1 साल की एफडी पर 6.9 फीसदी की दर से ही ब्याज मिलेगा. यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग से एक्स्ट्रा ब्याज दर नहीं रखी गई है.

ब्याज की दरें कैसे और कौन तय करता है?

बैंक और पोस्ट ऑफिस के ब्याज तय करने के तरीके में थोड़ा फर्क होता है. बैंकों की एफडी दरें आमतौर पर रिजर्व बैंक की रेपो रेट की नीतियों से प्रभावित होती हैं. वहीं, पोस्ट ऑफिस की सभी बचत योजनाओं की ब्याज दरों का फैसला सीधे भारत सरकार का वित्त मंत्रालय करता है.

वित्त मंत्रालय हर तीन महीने में इन दरों की समीक्षा करता है. बाजार के हालात और देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हर 3 महीने में ब्याज दरों को घटाने, बढ़ाने या स्थिर रखने का फैसला लिया जाता है. 

ये भी पढ़ें- WhatsApp से शुरू होने वाले 7 बिजनेस, जिनके लिए वेबसाइट तक की जरूरत नहीं

 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement