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पेंशन में बेटे-बेटियों को भी मिलेगा फायदा, जानिए नियमों में क्या हुआ बदलाव

Pension Rules 2024: पेंशन के नियमों में केंद्र सरकार ने बदलाव कर दिया है जिसका फायदा खासकर महिलाओं को मिलेगा.

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पेंशन में बेटे-बेटियों को भी मिलेगा फायदा, जानिए नियमों में क्या हुआ बदलाव

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डीएनए हिंदी: केंद्र सरकार ने पेंशन के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. इन बदलावों के चलते अब पेंशन के फायदे पेंशनधारियों के बेटे और बेटियों को भी मिल सकेंगे. नए नियमों के मुताबिक, पेंशन की हकदार महिलाएं अपने पति की जगह पर बेटे या बेटियों को भी पेंशन का हकदार बना सकेंगी. डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर (DOPPW) ने अपने बयान में बताया है कि सरकार ने सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स, 2021 में बदलाव कर दिए हैं.

मौजूदा समय में पेंशनधारी महिलाएं अपने पति को पुरुष अपनी पत्नी को नॉमिनी बनाते हैं. अब नए नियमों के मुताबिक, महिलाएं अपने बेटे या बेटियों में से किसी को भी पेंशन का नॉमिनी बना सकेंगी. इसके लिए सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है. पहले के नियमों में महिलाओं को अपने पति को ही नॉमिनी बनाना पड़ता था. बहुत खास परिस्थिति में ही महिलाओं को अनुमति मिलती थी कि वे परिवार के किसी दूसरे शख्स को नॉमिनी बना सकें.

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पति को कब मिलेगी पेंशन?
इस बारे में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, 'यह निर्णय महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए लिया गया है.' इन नियमों के मुताबिक, महिला की मौत की स्थिति में उसकी पेंशन उसके बेटे या बेटी को मिल सकेगी. पहले महिलाओं के लिए यह प्रावधान नहीं था. जितेंद्र सिंह के मुताबिक, इस फैसले के जरिए महिला कर्मचारियों के हाथ में ताकत दे दी गई है. इससे वैवाहिक कलह, तलाक की प्रक्रिया, दहेज या अन्य कोर्ट में फंस चुके संबंधों की स्थिति में महिलाओं को अतिरिक्त अतिरिक्त अधिकार मिलेंगे.

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DOPPW के मुताबिक, महिला कर्मचारियों या पेंशनधारियों को इस सुविधा का फायदा लेने के लिए एक लिखित आवेदन देना होगा. इसी आवेदन में उन्हें बताना होगा कि वह पति की जगह पर किसे नॉमिनी बनाना चाहती हैं. महिलाओं के बच्चे न होने पर ही उनके पति को पेंशन मिलेगी. इसके अलावा, अगर महिला का पति किसी नाबालिग या दिव्यांग बच्चे का संरक्षक है तो उसके वयस्क होने तक वह पेंशन का पात्र होगा. बच्चे के वयस्क होने के बाद पेंशन उसे मिलेगी.

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