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FASTag Rule Change: अगर टोल प्लाजा पर कलेक्शन मशीन में कोई खराबी आ जाती है तो उस कंडीशन में वाहन चालक को बिना फीस लिए टोल प्लाजा पार करने की अनुमति दी जाएगी.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने फास्टैग (FASTag) लगे वाहनों के लिए बड़ी राहत दी है. अब बिना FASTag लगे वाहनों को दोगुना टोल नहीं देना पड़ेगा. वो UPI से पैमेंट कर सकेंगे. जिसका शुल्क 1.25 गुना होगा. अभी तक फास्टैग न होने या उसमें पर्याप्त बैलेंस न होने की वजह से वाहनों को दोगुना टोल देना पड़ता था. इस संबंध में मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.
जारी अधिसूचना के अनुसार, अगर वाहन स्वामी फास्टैग न होने या उसमें बैलेंस न होने पर यूपीआई (एकल भुगतान प्रणाली) से भुगतान करते हैं तो उन्हें सवा गुना टोल फीस ही देनी पड़ेगी। उदाहरण के लिए अगर किसी श्रेणी के वाहन के लिए टोल फीस 100 रुपये है और वाहन बिना फास्टैग या बिना कार्यशील फास्टैग के टोल प्लाजा में प्रवेश करता है तो वाहन स्वामी को नकद दो सौ रुपये भुगतान करना होगा।
NHAI के सीजीएम ऑपरेशन अब्दुल बासित ने बताया कि सड़ड परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने उन वाहन चालकों को राहत देने का फैसला किया है, जिनकी गाड़ियों में वर्तमान में FASTag नहीं लगा है या जिनका फास्टैग अमान्य है. उन्हें दोगुना टोल शुल्क देना पड़ता था. उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन चालक UPI से भुगतान कर सकेंगे. जिसका शुल्क दोगुना नहीं, बल्कि 1.25 गुना देना होगा.
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FASTag के बिना अब कितना लगेगा टोल
आसान भाषा में समझें तो अगर किसी वाहन पर फास्टैग नहीं लगा है या फिर उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं है. टोल फीस 100 रुपये है. ऐसी कंडीशन में वाहन चालक UPI से भुगतान कर सकता है. यूपीआई से उसे 125 रुपये देने होंगे. यानी 25 रुपये अधिक. अभी तक उसे दोगुने 200 रुपये देने पड़ते थे.
टोल कलेक्शन सिस्टम में खराबी पर नहीं लगेगा टोल
वहीं, टोल प्लाजा पार करते समय अगर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम के कारण FASTag से भुगतान नहीं हो पाता है तो उस वाहन चालक को बिना फीस लिए टोल प्लाजा पार करने की अनुमति दी जाएगी. उसे शून्य लेनदेन की रसीद जारी की जाएगी.
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