बिजनेस
UPI Payment Charge: यूपीआई ट्रांजैक्शन को लेकर सरकार ने एक बड़ा अपडेट दिया है. डिजिटल पेमेंट पर लेनदेन शुल्क लगाने को लेकर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में जवाब दिया है.
UPI Payment Charge: केंद्र सरकार ने सोमवार को एकबार फिर दोहराया है कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) आधारित डिजिटल पेमेंट पर लेनदेन शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. बताते चलें पिछले कुछ समय से लगातार ये सवाल उठ रहा था कि सरकार यूपीआई पेमेंट पर कुछ चार्ज लगाने वाली है. अब इस पूरे मामले पर सरकार ने अपना पक्ष रख दिया है. दरअसल, यूपीआई ट्रांजैक्शन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा सुगम बनाए जाते हैं. बता दें 30 अगस्त 2019 के सर्कुलर ने अधिग्रहण करने वाले बैंकों को ट्रांजैक्शन वैल्यू के 0.30 प्रतिशत की दर से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वसूलने की अनुमति दी थी.
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, 'हालांकि, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 की धारा 10A में प्रावधान है कि कोई भी बैंक या सिस्टम प्रदाता आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269एसयू के तहत निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भुगतान करने वाले भुगतानकर्ता या भुगतान प्राप्त करने वाले लाभार्थी पर कोई शुल्क नहीं लगाएगा.' जिसके अनुसार, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269एसयू के तहत यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड को भुगतान के निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक तरीकों के रूप में अधिसूचित किया था.
इकोसिस्टम पार्टनर्स द्वारा यूपीआई सर्विस की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2021-2022 से वित्त वर्ष 2024-25 तक प्रोत्साहन योजना लागू की थी. दरअसल राज्य मंत्री ने बताया, "इस अवधि के दौरान, सरकार ने लगभग 8,730 करोड़ रुपए का प्रोत्साहन समर्थन प्रदान किया है. 'यूपीआई ट्रांजैक्शन वित्त वर्ष 2017-18 में 92 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 114 प्रतिशत के सीएजीआर के साथ 18,587 करोड़ हो गया. इसी अवधि के दौरान, ट्रांजैक्शन वैल्यू 1.10 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 261 लाख करोड़ रुपए हो गई.
सरकार के अनुसार, जुलाई 2025 में यूपीआई ने एक नई उपलब्धि हासिल की, जब पहली बार एक ही महीने में 1,946.79 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए.
यह भी पढ़ें: GST Rate Cut: महंगाई से मिलेगी बड़ी राहत, AC-TV से लेकर कार तक जानिए कौन-कौन सा सामान होगा सस्ता
गौरतलब है कि, देश में डिजिटल भुगतान लेनदेन की कुल मात्रा वित्त वर्ष 2017-18 के 2,071 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 22,831 करोड़ हो गई है, जो 41 प्रतिशत के सीएजीआर से बढ़ रही है. इसी अवधि के दौरान, ट्रांजैक्शन वैल्यू 1,962 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 3,509 लाख करोड़ रुपए हो गई.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.