बिजनेस
नौकरी न मिलने से निराश होने के बजाय गांव या छोटे कस्बे में कमर्शियल आरओ वाटर प्लांट का बिजनेस शुरू करना एक बेहतरीन और टिकाऊ विकल्प है.
आज के समय में जब हर तरफ नौकरियों को लेकर मारामारी मची है और एक-एक सीट के लिए हजारों पढ़े-लिखे युवा लाइन में खड़े हैं, ऐसे में निराश होकर बैठने से बेहतर है कि खुद का कोई छोटा-मोटा काम शुरू कर लिया जाए.
अगर आप किसी छोटे शहर, कस्बे या गांव से हैं और बिजनेस करने की सोच रहे हैं, तो आपके पास एक बहुत बड़ा फायदा है, यहां बड़े शहरों की तुलना में कंपटीशन बेहद कम है और ग्राहकों की कोई कमी नहीं है.
अगर आप कम बजट में एक सुरक्षित और लगातार कमाई देने वाला काम तलाश रहे हैं, तो कमर्शियल आरओ वाटर प्लांट या शुद्ध पीने के पानी का बिजनेस एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है.
गांवों और कस्बों में आज भी ग्राउंड वॉटर में टीडीएस और हैवी मेटल्स की समस्या काफी तेजी से बढ़ रही है. लोग बीमारियों से बचने के लिए साफ और RO वाले पानी को तवज्जो दे रहे हैं. शादी-ब्याह हो, कोई धार्मिक आयोजन हो, स्कूल-कॉलेज हों या फिर लोकल दुकानें, हर जगह 20 लीटर वाले पानी के जार की मांग साल के बारह महीने बनी रहती है.
20 लीटर के एक जार को फिल्टर करने और तैयार करने में लगभग 3 से 5 रुपये की लागत आती है. बाजार या गांवों में यही एक जार आसानी से 25 से 40 रुपये में सप्लाई होता है.
अगर आप दिन भर में केवल 100 जार भी सप्लाई कर लेते हैं, तो आपकी रोजाना की बिक्री लगभग ₹3,000 की होगी. सारे खर्चे जैसे- बिजली, ट्रांसपोर्ट और लेबर निकालने के बाद भी आप आराम से प्रतिदिन ₹1,500 से ₹2,000 बचा सकते हैं यानी महीने के ₹45,000 से ₹60,000 की सीधी कमाई.
क्वालिटी से समझौता न करें यानी अपने पानी की शुद्धता यानी TDS लेवल हमेशा सही रखें ताकि ग्राहकों का भरोसा बने. गांव-कस्बों में अगर आपकी डिलीवरी सर्विस फास्ट होगी, तो ग्राहक किसी और के पास कभी नहीं जाएंगे. नया बिजनेस शुरू करते वक्त लोकल दुकानों, मैरिज हॉलों और दफ्तरों से जाकर मिलें और शुरुआत में थोड़ा डिस्काउंट दें.
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